Thursday, February 27th, 2020

राहुल का पीएम मोदी पर तंज- 'हाउडी मोदी' अर्थव्यवस्था के हाल अच्छे नहीं लग रहे

 
नई दिल्ली 

लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था और बदहाल बाजार को देखकर अब चारों ओर से चिंता जताई जा रही है. इस गंभीर मसले पर विपक्ष भी मोदी सरकार को घेरे हुए है. बुधवार को कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर तंज कसा.

राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा 'अर्थव्यवस्था का क्या हाल है 'हाउडी मोदी'. मिस्टर मोदी, अर्थव्यवस्था के हाल अच्छे नहीं लग रहे. राहुल गांधी ने एक वेबसाइट की खबर ट्विटर पर शेयर करते हुए गिरती अर्थव्यवस्था पर मोदी सरकार को घेरा.
 
दरअसल, महिंद्रा, टाटा और मारुति जैसी कई ऑटोमोबाइल कंपनियों में काम कुछ दिनों के लिए बंद किया जा रहा है. वहीं बाजारों में भी भयंकर सुस्ती दिखाई पड़ रही है. उद्योग जगत से जुड़े तमाम लोग मंदी के माहौल को लेकर चिंतित हैं. लेकिन सरकार मंदी की बात को सिरे से नकार रही है.

उद्योग जगत से ताजा बयान हीरो साइकिल के मैनेजिंग डायरेक्टर पंकज मुंजाल का आया है. उन्होंने अपनी नई इलेक्ट्रिक साइकिल के लॉन्च के मौके पर कहा, "मैंने अपने जीवन में ग्रोथ रेट का गिरना देखा है लेकिन ग्रोथ रेट का सिकुड़ना 55 साल में ऐसा कभी नहीं हुआ."

अर्थव्यवस्था में सुस्ती के सवाल पर पंकज मुंजाल ने कहा, "यह पूछने की बात नहीं है बल्कि आंकड़े कह रहे हैं और उन आंकड़ों में गिरावट हो रही है." कई अर्थशास्त्री भी मानते हैं कि लोगों के खरीद करने की क्षमता इस मंदी के दौरान घट गई है.


इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मौजूदा अर्थव्यवस्था को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि अर्थव्यवस्था खराब से बेहद खराब होती जा रही है और खतरनाक बात ये है कि सरकार को इस बात का एहसास नहीं है.
 
पूर्व पीएम ने कहा था कि हम आर्थिक मंदी के दौर में हैं. विकास दर घटकर 5 फीसदी रह गई है. यह हमें 2008 की याद दिलाता है जब हमारी सरकार में अर्थव्यवस्था एक दम से नीचे आ गई थी.

उन्होंने कहा कि उस समय की गिरावट अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संकट के कारण हुई थी. उस समय हमारे सामने चुनौतीपूर्ण स्थिति थी. हमारे लिए चुनौती थी कि लेकिन हमने इस चुनौती को एक अवसर के रूप में लिया और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की तरफ कदम बढ़ाए.

इससे पहले अगस्त के आखिर में कांग्रेस ने गिरती अर्थव्यवस्था को लेकर एक वीडियो भी जारी किया था,  जिसमें गिरते रुपये, रोजगार के मुद्दों पर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया गया था.

Source : Agency

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