Friday, May 29th, 2020

बैंक हड़ताल कल, पर SBI और IOB ग्राहकों के लिए अच्छी खबर

लखनऊ                         
देश भर में बैंकों के विलय को रोकने, बैंककर्मियों की सुरक्षा पुख्ता और सभी बैंकों में समुचित भर्ती जैसी मांगों को लेकर 22 अक्टूबर को बैंक हड़ताल होने जा रही है। लेकिन हड़ताल होने से पहले ही कर्मचारी संगठन गुटों में बंट गए हैं। इसी कड़ी में हड़ताल वाले दिन भारतीय स्टेट बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक खुले रहेंगे।

हड़ताल से कई संगठनों ने पल्ला झाड़ा
हड़ताल के पहले बैंक कर्मचारियों के बड़े संगठनों के दूरी बनाने से इस आन्दोलन की सफलता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। भारतीय स्टेट बैंक जैसी देश की सबसे बड़ी बैंक के शामिल न होने से हड़ताल लगभग असफल होने की बैंक कर्मचारी आशंका व्यक्त कर रहे हैं। भारतीय स्टेट बैंक स्टाफ एसोसिएशन के महामंत्री केके सिंह ने बताया कि बैंकों के विलय से महत्वपूर्ण मुद्दा कर्मचारियों का वेतन और अन्य सुविधाएं हैं। ऐसे में हमारा संगठन इस हड़ताल में शामिल नहीं होगा और एसबीआई की सभी शाखाएं खुली रहेंगी। वहीं नेशनल कंफडरेशन बैंक इम्पलाइज के प्रदेश उपाध्यक्ष यूपी दुबे ने बताया कि 22 अक्टूबर को प्रस्तावित हड़ताल में हमारा संगठन शामिल नहीं है। ऐसे में इंडियन ओवरसीज बैंक की सभी शाखाएं खुली रहेंगी। इसी के साथ बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन यूपी उत्तराखण्ड के जनरल सेक्रेटरी वीके सेंगर ने भी हड़ताल में शामिल न होने की पुष्टि की है।

मजबूती से संघर्ष के लिए तैयार है संगठन
ऑल इंडिया बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन (एआईबीईए) और बैंक इम्प्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया(बीईएफआई) ने 22 अक्टूबर को पूरे देश में बैंक हड़ताल का आह्वान किया है। एआईबीईए के प्रदेश महामंत्री दीप वाजपेयी कहते हैं कि बैंकों के विलय को रोकने, बैंककर्मियों की सुरक्षा पुख्ता और सभी बैंकों में समुचित भर्ती के लिए एक बार फिर बैंक कर्मचारी संगठनों ने बिगुल फूंक दिया है। उपरोक्त संगठन हमारे साथ नहीं हैं, यह हमें पहले से ही पता था। इसके बावजूद संगठन मजबूती के साथ कर्मचारियों की समस्याओं पर संघर्ष करने के लिए तैयार है।

ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएसन के संयुक्त सचिव डीएन त्रिवेदी ने बताया कि एआईबीओए द्वारा भी तमाम अधिकारियों को लिपिकीय कार्य से अलग रहने का निर्देश दिया है, जिससे बैंकिंग कार्य पूर्णत: ठप रहेगा। वहीं,  बिहार प्रोवेंसियल बैंक इम्पलाइज एसोसिएशन के उप महासचिव संजय तिवारी ने कहा कि हमारी मांगों में बैंकों का विलय रोकना, जन विरोधी बैंकिंग सुधारों को रोकना, दंडात्मक शुल्क लगाकर ग्राहकों को प्रताड़ित नहीं करना, ग्राहकों की जमा राशि पर ब्याज दर में बढोतरी, जमा पूंजी की पूरी तरह सुरक्षा, ग्राहकों से सेवा शुल्क में वृद्धि नहीं करना, खराब ऋणों की वसूली में तेजी लाना सहित अन्य प्रमुख मांगे शामिल है। इस हड़ताल में जो संगठन शामिल नहीं है, उनका भी नैतिक समर्थन प्राप्त है। उन्होंने बताया कि सोमवार को कोतवाली थाना के समीप स्थित इलाहाबाद बैंक के समक्ष बैंककर्मी प्रदर्शन कर एकजुटता दिखाएंगे। 

Source : Agency

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