Sunday, September 20th, 2020
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रेलवे में नौकरी के नाम पर बेरोजगारों से बिलासपुर में लाखों रुपये की ठगी, जांच शुरू

बिलासपुर
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बिलासपुर (Bilaspur) में रेलवे (Railway) में नौकरी दिलाने के नाम पर झांसा देकर कई बेरोजगार युवकों से ठगी (Fraud) का मामला सामने आया है. इस मामले में बिलासपुर (Bilaspur) के तोरवा थाने में बीते शनिवार को ठगी के शिकार युवकों ने शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत पर पुलिस (Police) ने जांच शुरू कर दी है. ठगी का अरोप बिलाईगढ़ सिविल कोर्ट में बतौर डाटा एंट्री ऑपरेटर काम करने वाले विजेंद्र सिंह ठाकुर पर लगा है. उसे अलग अलग बेरोजागारों से लाखों रुपयों की ठगी की है.

बिलासपुर (Bilaspur) के तोरवा थाने में दर्ज शिकायत के मुताबिक आरोपी विजेन्द्र ठाकुर ने युवकों को झांसा दिया था कि वह अपने कोर्ट की महिला मजिस्ट्रेट का बेहद करीबी है. आरोपी ने उन्हीं के नाम का इस्तेमाल करते हुए उसने युवकों को रेलवे में आसानी से नौकरी दिलाने का झांसा दिया था. इसके एवज में उसने सभी से 9 लाख 50 हजार रुपये की मांग की थी. रेलवे में स्थाई नौकरी के झांसे में आकर कई युवकों ने विजेंद्र सिंह ठाकुर को साढ़े 9 लाख रुपए अलग-अलग किस्तों में दे दिए, लेकिन उसने किसी की भी नौकरी नहीं लगाई और ना ही रकम वापस लौटाई.

शिकायत के मुताबिक बिलासपुर नूतन चौक में रहने वाला सनी प्रजापति भी उसका शिकार बना. इसी तरह तखतपुर मुरू गांव का रहने वाले हेमंत पटेल से भी विजेंद्र सिंह ठाकुर ने पैसे ऐंठ लिए. धमतरी के दुर्गा पटेल जैसे और भी कई युवकों से विजेंद्र सिंह ठाकुर ने अलग-अलग तिथियों पर लाखों रुपए लिए हैं. यह रकम करोड़ों में पहुंचने की बात कही जा रही है. तोरवा पुलिस थाना प्रभारी एस रात्रे ने बताया कि हेमंत पटेल और सनी प्रजापति की शिकायत पर मामले की जांच शुरू कर दी है. अनुमान लगाया जा रही है कि विजेंद्र सिंह ठाकुर इस मामले का महज एक मोहरा है और भी इस रैकेट से जुड़े लोग होंगे जो भोले भाले बेरोजगारों को रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर इस तरह का गोरखधंधा कर रहे है.

Source : Agency

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