Wednesday, February 26th, 2020

बसंत पंचमी सरस्वती पूजा पर बने ये 6 शुभ योग, बना रहे इस दिन को और खास

माघ शुक्ल पंचमी तिथि को शास्त्रों में बहुत ही शुभ और अबूझ मुहूर्त के रूप में बताया गया है। इसी दिन से भगवान श्रीराम की शिक्षा भी आरंभ हु्ई थी। प्राचीन काल से ही इस दिन को किसी भी शुभ कार्य के लिए मंगलकारी माना गया है। लेकिन इस साल इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है क्योंकि बसंत पंचमी के साथ कई अन्य शुभ योग भी बन रहे हैं जो पंचक के दोषों को भी दूर कर रहे हैं। आपको बता दें कि 26 जनवरी की शाम से पंचक लगा हुआ है जो 31 जनवरी को शाम 6 बजकर 10 मिनट पर समाप्त हो जाएगा। आइए जानें कि ये 6 शुभ संयोग कौन से हैं जिनसे इस साल बसंत पंचमी और भी मंगलकारी हो गई है।

सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि योग

ज्योतिषशास्त्र में सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि इन दोनों योगों को बहुत ही शुभ फलदायी कहा गया है। इन योगों से कई अशुभ दोषों का प्रभाव भी कम हो जाता है। शास्त्रों में बताया गया है कि इस योग में कोई भी शुभ काम करना मंगलकारी रहता है। इसे सफलता प्रदान करने वाला योग कहा गया है। बसंत पचंमी के साथ इस योग का होना सभी के लिए शुभ फलदायी है। आप इस योग में कोई भी काम आरंभ कर सकते हैं।


शनि का उदय

24 जनवरी से मकर राशि में चल रहे शनि महाराज 30 जनवरी बसंत पंचमी के दिन पूर्व में उदित हो रहे हैं। बीते साल 27 दिसंबर से शनि अस्त चल रहे हैं। यही वजह है कि शनि अभी अपनी राशि में आकर भी अपना पूर्ण प्रभाव नही दे पा रहे हैं। शनि के उदित होने से जनता का प्रभाव बढ़ेगा। प्रकृति में ऊर्जा का संचार होगा और छोटे स्तर पर काम करने वाले लोगों के लाभ में वृद्धि होगी।

गुरुवार के दिन बसंत पंचमी का संयोग

गुरुवार को बसंत पंचमी होना बहुत ही शुभ संयोग माना जा रहा है। गुरु को ज्योतिशास्त्र में ज्ञान और धर्म का कारक माना गया है। बसंत पंचमी के दिन ज्ञान की देवी सरस्वती का प्राकट्य हुआ था। ऐसे में गुरुवार के दिन बसंत पंचमी होने से ज्ञान वृद्धि के लिए दोहरा संयोग बना है। जिन छात्रों की पढ़ाई में अरुचि रहती है। मन विचलित रहता है। उन्हें पीत वस्त्र धारण करके भगवान विष्णु के साथ देवी सरस्वती की पूजा करनी चाहिए। ‘ॐ ह्रीं ऐं ह्रीं सरस्वत्यै नमः’ मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें।


रवियोग का शुभ संयोग

ज्योतिषशास्त्र में रवि योग को भी सर्वार्थ सिद्धि योग की तरह ही शुभ माना गया है। 30 जनवरी को 3 बजकर 12 मिनट पर रवियोग का आरंभ हो रहा है। इस योग के प्रभाव से कारोबार और नई योजनाओं का आरंभ करना बहुत ही शुभ रहेगा। धन का निवेश करने के लिए भी आज का दिन शुभ रहेगा।

बुध का राशि परिवर्तन

30 जनवरी बसंत पंचमी की मध्य रात्रि के बाद बुध का राशि परिवर्तन हो रहा है। बुध मकर राशि से कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। इस दृष्टि से इस दिन बुध संक्रांति का भी योग बना रहेगा। ऐसे में दान-पुण्य और ज्ञान की देवी सरस्वती का पूजन करना छात्रों के लिए बेहद शुभ फलदायी है। बुध के मंत्र ओम ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः मंत्र का जप करना उत्तम रहेगा।

इस शुभ योग में मूर्ति विसर्जन

31 जनवरी को देवी सरस्वती की मूर्ति का विसर्जन शाम में 6 बजकर 10 मिनट के बाद करना बहुत ही शुभ फलदायी रहेगा। इस समय तक पंचक भी समाप्त हो जाएगा। इसके साथ ही अमृत सिद्धि नामक शुभ योग भी उपस्थित रहेगा जिसे कार्य की सिद्धि के लिए ज्योतिषशास्त्र में बहुत ही अच्छा माना गया है।

Source : Agency

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