Tuesday, February 25th, 2020

भजनपुरा: 'बेइज्जती' का बदला, रिश्तेदार ने खत्म कर दी फैमिली

नई दिल्ली
राजधानी के भजनपुरा इलाके में सनसनी मचा देने वाले हत्याकांड के दोषी को पुलिस ने गुरुवार को अरेस्ट कर लिया। 28 साल के प्रभु चौधरी ने उधार न लौटाने पर हुई कथित बेइज्जती का बदला लेने के लिए अपने एक रिश्तेदार के परिवार के पूरे परिवार को खत्म कर दिया। घटना की जानकारी लोगों को तब मिली जब उनके घर से गंदी बदबू आनी शुरू हुई।

उत्तर-पूर्व दिल्ली के भजनपुरा में बुधवार को एक ही घर में 5 शव संदिग्ध हालत में मिले थे। मृतकों की पहचान शंभूनाथ चौधरी (43), पत्नी सुनीता (37), बेटा शिवम (17) व सचिन (14) और बेटी कोमल (12) के रूप में हुई। आरोपी प्रभु, शंभु की बुआ का बेटा है। उसने बताया कि उधार लिए गए 30 हजार रुपये नहीं लौटाने पर शंभु की पत्नी सुनीता ने उसकी बेइज्जती की थी और इसी का बदला लेने के लिए उसने सबकी हत्या की। प्रभु ने बताया कि उसने सबसे पहले सुनीता की हत्या की। उसने दोपहर 3.30 बसे से राज 11 बजे के बीच पांचों हत्या को अंजाम दिया।

पूर्वी रेंज के जॉइंट सीपी आलोक कुमार ने मीडिया को बताया, 'आरोपी 28 साल का है और उसे दिल्ली से अरेस्ट किया गया है। उसने बताया कि उसकी परिवार की महिला सदस्य से पैसों को लेकर लड़ाई हुई थी। इसके बाद उसने महिला व बच्चों की रॉड से मारकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने महिला के पति को भी मार डाला। मामले की जांच जारी है।'

इससे पहले, जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों ने बताया था कि हमलावर ने पहले पीड़ितों के सिर पर हथौड़े से वार किया और फिर शवों को आरी से काटा गया। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। बता दें कि भजनपुरा 'सी' ब्लॉक के मकान नंबर 275 से यह बदबू आ रही थी। इस मकान के ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाला परिवार करीब पांच-छह दिन से दिखा नहीं था। मकान के बाहर से ताला लगा हुआ था। बदबू असहनीय हो जाने के बाद स्थानीय दुकानदार ने पुलिस कॉल कर बदबू आने की सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और घर का ताला तोड़ा और अंदर जो कुछ था उसे देखकर सभी हैरान रह गए। वहां पांच लोगों के शव पड़े हुए थे।

उधर, घटना की जानकारी सामने आने के बाद संवेदनशील इलाका होने की वजह से जिले की लाइन और आसपास के थानों से फोर्स बुला ली गई। पैरा मिलिट्री फोर्स की कंपनी भी इलाके में तैनात कर दी गई। भजनपुरा थाने से महज 100-150 मीटर पर वारदात होने से पूरी गली को छावनी में तब्दील कर दिया गया। भजनपुरा इलाके में रहने वाले शंकर ने बताया कि शंभू की फैमिली काफी अच्छी थी। वह खुद अच्छा कमा लेते थे। पहले भजनपुरा में ही वह जूस की दुकान चलाते थे। करीब एक साल से वह ई-रिक्शा लेकर चला रहे थे।

 

Source : Agency

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