Saturday, July 11th, 2020
Close X

नॉर्मल है J&K, कोई भी जाने को आजाद: शाह

नई दिल्ली
अनुच्छेद 370 के चलते जम्मू कश्मीर के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को इतने लंबे समय तक नजरबंद किए जाने के सवाल पर शाह ने कहा कि यह स्थानीय प्रशासन का निर्णय है, इसमें भारत सरकार का कोई रोल नहीं है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि जम्मू कश्मीर पूरी तरह नॉर्मल है, वहां परिवार के साथ जाया जा सकता है। जो चाहें वो जा सकते हैं। यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी वहां से होकर आए हैं।

कश्मीरी पंडितों को दोबारा जम्मू कश्मीर में बसाने के सवाल पर शाह ने कहा कि 4 लाख लोगों को अपने ही देश में निर्वासित होना पड़ा क्या मीडिया कभी उनके दर्द को दिखाएगा। काल्पनिक भय को इतना कवरेज दिखाया जाता है, लेकिन इनके लिए कोई आवाज नहीं उठाता।

एनपीआर को लेकर कांग्रेस गलत प्रचार कर रही है। इसमें कागजात दिखाने का कोई प्रावधान ही नहीं है। सीएए के समर्थन में विरोध करने वालों से 20 गुणा से ज्यादा लोग हैं। सीएए के समर्थन में देशभर में दो-दो लाख लोग एकत्र हुए हैं। सीएए में ऐंटी मुस्लिम प्रावधान क्या है कोई इसे साबित करके दिखाए।

इससे पहले शाह ने कहा सीएए के खिलाफ देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शन पर शाह ने कहा कि इसमें यह भी देखना जरूरी है कि ये प्रदर्शन किनके द्वारा और किस स्तर पर हो रहा है। मुझे आज तक कोई ऐसा इंसान नहीं मिला जो समझा सके कि सीएए के किस प्रावधान के तहत उन्हें यह एंट्री मुस्लिम लगता है। यह विरोध केवल बीजेपी के नाम पर विरोध हो रहा है।

शाह ने कहा कि अंदेशा के नाम पर आंदोलन नहीं होता है, जब एनआरसी आएगा तब इन्हें विरोध करना चाहिए था। अमित शाह ने स्पष्ट किया कि पिछली कांग्रेस और जनता पार्टी की सरकारों ने हिंदूओं और सिखों को लांग टर्म वीजा दे चुकी है। इसकी शुरुआत 30 मार्च 1964 से ही शुरू हो चुकी थी, तब बीजेपी सत्ता में नहीं थी। यही काम कांग्रेस करती है तो वह सेक्युलर और बीजेपी कानून बनाती है तो गलत हो जाती है।

सीएए आने के बाद पाकिस्तान से आए 74 अल्पंख्यकों को राजस्थान के जोधपुर, जैसलमेर के कलेक्टर ने नागरिकता दी है। वहां कांग्रेस पार्टी की सरकार है। शाह ने कहा कि हमारा मन शुद्ध है, हमने कभी भी धर्म के नाम पर भेदभाव नहीं किया। सीएए में कोई ऐसा प्रोविजन नहीं है जो मुस्लिमों की नागरिकता ले ले। इस देश का विभाजन कांग्रेस पार्टी ने धर्म के आधार पर किया।

Source : Agency

आपकी राय

8 + 3 =

पाठको की राय