Sunday, September 20th, 2020
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पूर्व विधायक ने चार साल पहले मां-बेटी को उतारा था मौत के घाट


रायगढ़। चार वर्ष पूर्व 7 मई 2016 को रायगढ़ के संबलपुरी में पाई गई दो महिलाओं की लाश मिलने के मामले में अंतत: ओडिशा के पूर्व विधायक ने अपनी गलती कबूल कर ली है। उसने स्वीकार कर लिया है कि वे ही उनके हत्या के जिम्मेदार हैं। दोनों मृतक महिलाएं आपस में मां-बेटी थीं। इधर हत्या में संलिप्तता पाए जाने के बाद बीजू जनता दल ने इन्हें पार्टी और स्टेट वेयर हाउसिंग कारपोरेशन के चेयरमैन पद से भी हटा दिया है।

पूर्व विधायक अनूप साय ओडिशा के बृजराजनगर से तीन बार विधायक रह चुके हैं। पहले वे कांग्रेस पार्टी से विधायक थे बाद में सत्ताधारी बीजू जनता दल में शामिल हो गए थे। मृतक कल्पना दास एक वकील थी और विधायक अनूप साय के नाम से खरीदे गए कटक के एक फ्लैट में भी रहती थी। दोनों के बीच में अवैध संबंध था और उसे रास्ते से हटाने के लिए उसका कत्ल कर दिया था।

जिले के थाना चक्रधरनगर अन्तर्गत हमीरपुर मार्ग पर मां साकम्बरी प्लांट के पास महिला एवं बालिका के दोहरे हत्याकांड में जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन एवं चक्रधरनगर, कोतवाली, कोतरारोड, सायबर सेल के लगातर किए गए अथक प्रयास से घटना के 3.7 वर्ष बाद इस दोहरे हत्याकांड का मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है।


एक महिला और एक नाबालिग लड़की की जघन्य हत्या और हाई प्रोफाईल व्यक्ति का नाम आने पर प्रकरण गंभीर एवं संवेदनशील था प्रकरण की विवेचना में लगातार चक्रधनगर पुलिस को वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा था जिससे चक्रधरनगर थाने में तबादले के बाद आये थाना प्रभारियों द्वारा उसी ऊर्जा के साथ इस प्रकरण का खुलासा करने में लगे रहे, अन्तत: पुलिस को सफलता मिली है।

शुक्रवार को घटना का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने बताया कि सात मई 2016 को संबलपुरी गांव के रहने वाले कमलेश गुप्ता ने चक्रधरनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि हमीरपुर मार्ग एक महिला व एक बालिका की हत्या कर शव की पहचान छिपाने के उद्देश्य से फेंक दिया गया है। रिपोर्ट पर थाना चक्रधरनगर में अज्ञात आरोपी के विरूद्ध अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

घटनास्थल के आसपास के ग्रामों में पूछताछ सीसीटीवी फुटेज, कई मोबाइल टावर के डाटा का एनालिसिस किया गया साथ ही पूरे जिले के गुम इंसानों को छानबीन करने के बाद भी दोनों शव की शिनाख्त न होने से तत्कालीन पुलिस अधीक्षक के दिशा निर्देशन पर पुलिस की टीमें ओडिसा, बिहार, महाराष्ट्र, झारखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल के कई जिलों में शिनाख्तगी का प्रयास किया गया।

जिला पुलिस द्वारा अन्तर्राज्यीय ईश्तहार जारी किया गया और इसी ईश्तहार से मृतिका की पहचान उसके पूर्व पति सुनील श्रीवास्तव द्वारा कल्पना दास पिता रूदाक्ष दास उम्र 32 वर्ष और लड़की बबली श्रीवास्तव पिता सुनील श्रीवास्तव उम्र 14 वर्ष के रूप में की गई। इसके पश्चात चक्रधरनगर पुलिस की जांच में गति आई और मृतिका कल्पना दास के मोबाईल नम्बर का डिटेल निकालकर विशलेषण कर अन्य साक्ष्यों को एकत्र किया जाने लगा। मृतिका के कॉल डिटेल पर ओडिसा के हाई प्रोफाईल व्यक्ति के नाम की जानकारी मिली जिसके विरूद्ध चक्रधरनगर पुलिस पुख्ता साक्ष्य जुटाने में जुट गई।


संदेही के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य के मिलने पर थाना प्रभारी चक्रधरनगर निरीक्षक विवेक पाटले द्वारा पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह को अवगत कराया गया जिनके दिशा निर्देशन पर संदेही अनूप कुमार साय, पूर्व विधायक ओडिस को चक्रधरनगर पुलिस द्वारा नोटिस देकर थाना तलब किया गया था। संदेही अनूप कुमार साय के थाना चक्रधरनगर आने पर अधिकारियों के सुपरविजन में पूछताछ की गई। काफी पूछताछ बाद भी संदेही इस अपराध से अपने आप को दर किनार कर रहा था।

Source : Agency

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