Thursday, June 4th, 2020

कोरोना से जंग: हर किसी को नहीं मिल सकेगी मलेरिया की दवा, सरकार ने लगाई पाबंदी

पटना  
अब मलेरिया की दवाएं आसानी से नहीं मिल पाएंगी। इसके लिए डॉक्टरों की पर्ची देनी होगा, जिसका हिसाब मेडिकल स्टोर संचालकों को रखना होगा। सरकार ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी है। कोरोना से बचाव को लेकर लोग बिना संक्रमण के ही मलेरिया की दवाएं खाने लगे थे। इस पर पाबंदी लगाई जाने के बाद अब उसी मरीज को दवा दी जाएगी, जिसके लिए डॉक्टर लिखेंगे। औषधि विभाग ने इसके लिए दवाओं की दुकान पर छापेमारी भी शुरू कर दी है। कोई भी मेडिकल स्टोर इसमें मनमानी करेगा तो उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।

सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी थी दवा 
कोरोना का संक्रमण जब भारत में पांव पसार रहा था, तभी से सोशल मीडिया पर मलेरिया की दवाएं वायरल होने लगी थीं। ऐसे भ्रामक मैसेज भी आने लगे थे, जिसमें बताया जा रहा था कि मलेरिया की दवाएं सेवन करने वालों को कोरोना का खतरा नहीं होगा। ऐसे मैसेज जानलेवा साबित हो सकते हैं, क्योंकि मलेरिया की दवाओं की खुराक अधिक मात्रा में लेने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। सरकार लोगों को जागरुक कर रही है कि बिना डॉक्टर की सलाह के ऐसी दवा की खुराक नहीं लें। पटना में भी डॉक्टर लोगों को जागरुक कर रहे हैं। अमेरिका द्वारा मलेरिया की दवा मांगी जाने के बाद फिर इस पर चर्चा तेज हो गई है। इस बीच औषधि विभाग की टीम ने मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी भी शुरू कर दी है।  

पहले मेडिकल स्टोर पर रखी-रखी हो जाती थी एक्सपायर
मलेरिया की दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन की मांग पटना में पहले बहुत अधिक नहीं थी। पूर्व में ऐसा होता था कि मेडिकल स्टोर में दवाएं रखीं-रखीं ही एक्सपायर हो जाती थीं। फिजीशियन डॉ राणा एसर्पी ंसह का कहना है कि इस दवा का इस्तेमाल मुख्य रूप से मलेरिया में होता है। इसके अलावा अर्थराइटिस के उपचार के लिए भी इसकी डोज दी जाती है। कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए अभी कोई दवा नहीं बनी है, लेकिन हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन दवा के परिणाम कोरोना वायरस पर ठीक मिल रहे हैं। इस कारण से अभी इसकी डिमांड विदेशों तक में बढ़ गई। डर्ॉ ंसह का कहना है कि पहले दवा बहुत कम बिकती थी। हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन एंटी मलेरिया दवा है, जिसकी डिमांड पटना से जुड़े ग्रामीण इलाकों में अधिक होती है। कोरोना संक्रमण से पूर्व इसकी भरमार थी।  

दवा से हो सकती है समस्या
डॉक्टरों का कहना है कि मलेरिया की दवा बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं खानी चाहिए। यह काफी नुकसानदेह भी है। यह गुर्दा, लीवर और दिल के मरीजों के लिए काफी घातक है। इसकी डोज अधिक होने से पेट में रक्त स्राव के साथ हृदयाघात भी हो सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि जिसके पास पहले से दवाएं हैं भी, वह भी इसका सेवन बिना विशेषज्ञ की राय लिए नहीं करें। यह घातक परिणाम दे सकता है, जिससे जान का भी खतरा होगा।

छापेमारी कर ली जा रही है जानकारी
सहायक औषधि नियंत्रक विश्वजीत दास गुप्ता का कहना है दवाओं को लेकर निर्देश के बाद मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी की जा रही है। दुकानों से पूरा डेटा लिया जा रहा है। पूर्व में भी इसकी पूरी जानकारी विभाग को दे दी गई है। इसकी बिक्री को लेकर नए निर्देश के अनुसार मेडिकल स्टोरों पर नजर रखी जा रही है। दुकानदारों को कड़ा निर्देश है कि इस दवा के मामले में वह मनमानी नहीं करेंगे। अगर शिकायत मिली तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एक तरह से मेडिकल स्टोरों पर इस दवा की बिक्री पर रोक लगा दी गई है।

Source : Agency

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