Saturday, June 6th, 2020

नक्सलियों का मददगार निशांत जैन गिरफ्तार,पहले भी दर्ज है कई मामले

बिलासपुर
नक्सलियों के शहरी नेटवर्क के तहत एक और मददगार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।बिलासपुर का निशांत जैन पहले भी कई आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहा है। कुछ साल पहले तत्कालीन जिला खनिज अधिकारी की अवैध कमाई के 45 लाख रुपये उसके घर से एसीबी ने जब्त किया था। जमीन के कारोबार के साथ वे सड़क निर्माण व कोयला की भी ठेकेदारी करते हैं।

सिद्ध शिखर, शांतिनगर बिलासपुर निवासी निशांत जैन को उसके अन्य सहयोगियों के साथ माओवादियों को जूता, रुपये, वर्दी के कपड़े, वायरलेस सेट, बिजली के तार आदि सामग्री पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। जैन और उसके सहयोगी ने कांकेर जिले में सड़क निर्माण का ठेका ले रखा है।

दरअसर 2016 जून में जैन तब चर्चा में आया था जब तत्कालीन जिला खनिज अधिकारी केके बंजारे के ठिकानों पर एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने कुछ पुख्ता जानकारी मिलने के बाद छापा मारा था। पर उसके यहां कुछ नहीं मिला।  एसीबी ने तहकीकात जारी रखी तब इसी निशांत जैन का नाम सामने आया। पुलिस ने करीब 40 दिन बाद उसके घर पर छापा मारा। उसके घर से 45 लाख रुपये नगद मिले। जैन ने कबूल किया कि यह राशि बंजारे ने उसे रखने के लिए दिये हैं। खनिज अफसर की ओर से नई राजधानी में खरीदे गये 19 प्लाट के कागजात भी एसीबी ने उसके पास से जब्त किये। जैन ने बताया कि बंजारे ने कुल 75 लाख रुपये उसके पास जमा कराये थे, बीच-बीच में कहीं-कहीं पर निवेश करने के नाम उसने रुपये वापस भी लिये। जब भी जरूरत पड़ती बंजारे, निशांत से रुपये लेता था। यह लेन-देन भी यहां से मिले कागजातों में दर्ज था। निशांत जैन ने अवैध कमाई को खपाने के लिए एक कागजी कम्पनी केबी ग्रुप भी बनाया था। इसमें बंजारे द्वारा निवेश की गई रकम का पूरा हिसाब था। यह सारा काम भी निशांत जैन देखा करता था। यहां तक कि निशांत जैन बंजारे की पत्नी के खाते में भी एक निश्चित रकम जमा करता था। पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और भी मामलों में जैन से पूछताछ कर रही है।

Source : Agency

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