Sunday, July 5th, 2020
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घाटकोपर में कोरोना 9.6 प्रतिशत स्पीड से बढ़े

मुंबई
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में कोरोना वायरस के सबसे अधिक मामले भले ही धारावी में हों, लेकिन कोरोना के फैलने की रफ्तार सबसे तेज घाटकोपर में है। बीएमसी ने मुंबई में 21 से 27 मई के बीच 7 दिन में किस क्षेत्र में किस दर से मरीज बढ़ रहे हैं।

बीएमसी का कहना है कि एन वॉर्ड के अंतर्गत आने वाले घाटकोपर और विक्रोली में 9.6 प्रतिशत की रफ्तार से कोरोना के मरीज बढ़े हैं। मुंबई में एक सप्ताह के भीतर किसी इलाके में कोरोना के बढ़ने की यह सबसे तेज रफ्तार है। अप्रैल में जी साउथ वॉर्ड के अंतर्गत वरली में कोरोना मरीजों के बढ़ने की रफ्तार सबसे तेज थी, जिसमें काफी सुधार हुआ है। एक सप्ताह के दौरान यहां 3.1 प्रतिशत की दर से कोरोना के मरीज बढ़े हैं। जो मुंबई से सबसे कम है। बीएमसी इसे वरली मॉडल की सफलता बता रही है।

इन इलाकों में बढ़ी स्पीड
बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार, मार्च-अप्रैल में जिन इलाकों में कोरोना के मरीज तेजी से बढ़ रहे थे, उन पर ब्रेक लगा है। वहीं, जिन इलाकों में काफी कम मरीज थे, वहां कोरोना मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। घाटकोपर के अलावा पी नॉर्थ वॉर्ड के अंतर्गत आने वाले मालाड में एक सप्ताह के भीतर 8.5 प्रतिशत की रफ्तार से कोरोना मरीज बढ़े हैं। इसके बाद नंबर आता है भांडुप और कांजुरमार्ग का। यहां कोरोना के मरीजों की बढ़ने की रफ्तार 8.3 प्रतिशत थी।

वहीं बोरीवली में 8.2 प्रतिशत की रफ्तार से कोरोना मरीज एक सप्ताह के भीतर बढ़े हैं। मुंबई में यही चार वॉर्ड हैं, जहां कोरोना मरीजों के बढ़ने की रफ्तार 8 प्रतिशत से अधिक है। जबकि, मुंबई में कोरोना मरीजों के बढ़ने की डेली ग्रोथ रेट 5.17 प्रतिशत है।

दहिसर में हफ्ते भर में तेजी से बढ़े मामले
दहिसर में कोरोना के सबसे कम मामले हैं, लेकिन एक सप्ताह के अंतर यहां कोरोना मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार, आर साउथ वॉर्ड के अंतर्गत आने वाले कांदिवली में कोरोना के मरीज 7.4 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़े हैं। दहिसर में कोरोना मरीजों के बढ़ने की रफ्तार 7.1 प्रतिशत है। इसके बाद कोरोना के सबसे तेजी से बढ़े मामले कालबादेवी और भुलेश्वर में सामने आए हैं।

यहां कोरोना मरीजों के बढ़ने की रफ्तार 6.9 प्रतिशत है। साथ ही अंधेरी (पूर्व) एवं पी साउथ वॉर्ड में कोरोना मरीजों के बढ़ने की रफ्तार 6 प्रतिशत से अधिक है। मुलुंड, चेंबूर, बांद्रा पश्चिम एवं कुर्ला में एक सप्ताह के भीतर 5.2 से 5.7 प्रतिशत के ग्रोथ रेट से कोरोना मरीज बढ़े हैं। बांद्रा (पश्चिम), कालबादेवी, अंधेरी (पश्चिम), भायखला, कोलाबा एवं मोहम्मद अली रोड एरिया में कोरोना के मामले 4.4 से 4.9 प्रतिशत की दर से बढ़े हैं।

शिवाजी नगर, गोवंडी, सायन कोलीवाडा, धारावी और वरली में कोरोना मरीजों की संख्या भले ही ज्यादा हो, लेकिन पिछले एक सप्ताह में बीएमसी प्रशासन यहां कोरोना की रफ्तार पर ब्रेक लगाने में सफल रहा है। वरली में कोरोना की सबसे धीमी रफ्तार है, यहां सिर्फ 3.1 प्रतिशत की दर से कोरोना मरीज बढ़ रहे हैं। वहीं, धारावी में यह रफ्तार 3.6 प्रतिशत है। माटुंगा, सायन कोलीवाड़ा एवं वडाला में यह रफ्तार 3.6 प्रतिशत है। शिवाजी नगर, गोवंडी में यह रफ्तार सिर्फ 3.9 प्रतिशत है।

वरली मॉडल हुआ सफल
पिछले महीने वरली मुंबई में कोरोना का हॉटस्पॉट बना हुआ था, लेकिन पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे, जिनका यह निर्वाचन क्षेत्र भी है, उनका प्रयास रंग लाया। इसी का नतीजा है कि अप्रैल में सबसे ज्यादा मरीजों वाला वरली इलाके से आज सबसे कम कोरोना के मरीज सामने आ रहे हैं। यहां घर-घर स्क्रीनिंग, ज्यादा से ज्यादा टेस्ट, फीवर स्क्रीनिंग, सीनियर सिटिजन की स्क्रीनिंग, कंटेनमेंट जोन में लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन करना काफी लाभदायक रहा।

साथ ही कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आने वाले ज्यादा से ज्यादा लोगों को क्वारंटीन करवाना एवं मरीजों को बेहतर मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराना वरली मॉडल की सफलता में काफी मददगार साबित हुआ।

 

Source : Agency

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