Friday, August 7th, 2020
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40 साल पुराने जर्जर भवन में चल रहे तीन कोर्ट

इंदरगढ
नगर के ग्वालियर रोड पर स्थित 40 साल पुराने जर्जर भवन मे तहसील कार्यलय संचालित किया जा रहा है तीन कोर्ट लगने वाले इस भवन मे न कक्ष है और ना बेठने कि व्यवस्था बरसां मे कंरट आने के साथ छत से पानी टपकता है फिर भी इस जर्जर भवन मे तहसील कार्यलय संचालित किया जा रहा है जबकी नवीन जहसील भवन बनकर तैयार है जो शो पीस बना नजर आ रहा है। नगर के ग्वालियर रोड पर करीब 40 साल पुराना तहसील भवन बना हुआ है। यह भवन इतना पुराना हो चुका है कि बरसात मे इसकी छतो से पानी टपकता है और भवन के उपर से हाईटेंशन विद्युत लाईन निकली होने के कारण बरसात मे भवन की दीवारो मे हलका करंट प्रवाह होता है। छोटे से भवन मे चल रहे इस तहसील कार्यलय मे तीन कोर्ट संचालित किऐ जा रहे है।

तहसील के अंतर्गत करीब 118 से अधिक गांव आते है जबकि नया तहसील भवन बनकर तैयार है। जो इन दिनो शो पिस बना नजर बना आ रहा है। भवन म ेचल रहे तिन कोर्ट वर्षो पुराने इस तहसील भवन मे तीन कोर्ट संचालित किए जा रहे है इंदरगढ़ के अलावा ग्राम धीरपुरा एवं कुदारी के कोर्ट इसी छोटे भवन मे संवालित किए जा रहे है। यहां आने वाले 118 गांवो के लोगो के बैठने तक की व्यवस्था नही है। ऐसे मे लोग तहसील कार्यलय पहुंचते हैै। और उनके काम मे देरी हो तो वह तहसील भवन के बहार बैठे हुए दिखई देते है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नही पुरानी तहसील भवन मे तहसील कार्यलय संचालित होने के कारण यहां पर जगाह का अभाव है छोटा भवन होने के कारण यहां भीड़ अधिक जमा हो जाती है वही कर्मचारीयो की भीड़ के कारण सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नही हो पा रहा है। बरसात मे भवन मे भीड़ भाड़ के कारण अभिभावको को कार्यलय के बाहर पेड़ के नीचे खडा होना पडता है। नही हो पाती मीटिंग तहसील भवन छोटा हाने के कारण रिकार्ड व्यवस्थित नही है।

साथ ही पटवारीयो की मीटिंग भी कक्ष के अभाव मे नही हो पाती है। और कक्षों के अभाव के कारण तीन सर्किलो के तहसीलदार एव ंनायब तहसीलदारो के बैठने के लिए भी पृथक से कक्ष नही है।ऐसे मे अधिक समस्या होती है। शो पीस बना है नवीन भवन नगर के ग्वालियर रोड पर ही पुराने भवन के सामने नवीन तहसील भवन बनकर तैयार हो गया है। जिसमें बैठने की व्यवस्था तो है ही साथ ही परिसर भी बडां है मगर यह नवीन तहसील भवन शो पिस बना नजर आ रहा है। इसमे अभी तक तहसील कार्यलय शिफट नही हुआ है इसे तहसील को हैडओवर भी होना है। हादसे का खतरा - पुरानी तहसील भवन सड़क किनारे होने के कारण अभिभषको को भी काय्रलय के बाहर सडक किनारे अपनी अपनी टेबिल डालकर बैठना पडता है तहसील कार्यजय मे आने वाले किसान भी सडक किनारे खड़े रहते है।

इस कारण हमेशा हादसे का खतरा भी बना रहता है। भवन तैयार है - लेकिन के इंजीनियर आरके सारस्वत ने कहा कि तहसील कार्यालय भवन बनकर तैयार है यह 45 लाख की लागत से स्वीकृत किया गया था। तहसील भवन को राजस्व विभाग ने अपने हैडओवर नही किया है। इसमे कुछ कमियां थी उन्हे पूरा कर दिया गया है। भवन मे काम होना है - तहसील दार सुनील वर्मा ने कहा की नवीन तहसील भवन मे रोड से कार्यालय तक सड़क एवं अन्य कार्य भी होना है जिसे ठेकेदार ने पूरा नही किया है। इस कारण तहसील कार्यालय नवीन भवन मे नही पहुंच पा रहा है हमने ठेकेदार से अधूरे कार्य पूरा करने को कहां है।

 

Source : Agency

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