Friday, August 7th, 2020
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ओवर लोड चलने वाली ट्रेनों में नहीं दिखी यात्रियों की भीड़

जबलपुर
खासतौर पर रक्षाबंधन के त्यौहार में पांच दिनों तक ट्रेनों में चलने वाली भीड़ से इस बार रेलवे प्लेटफार्म लगभग पूरी तरह सूने रहे। न तो चल रहीं स्पेशल ट्रेनों में गत वर्ष की तरह यात्री ही सफर करते हुए नजर आए और न ही इस बार प्लेटफार्म पर यात्रियों की रेलमपेल भीड़ ही नजर आई। मुख्य रेलवे स्टेशन हो या फिर मदन महल स्टेशन के प्लेटफार्म,सभी जगह पर मुकम्मल सन्नाटा पसरा रहा।

बात यदि वर्ष 2019 की करें तो 15 अगस्त के दिन पड़ने वाले रक्षाबंधन के त्यौहार से ठीक दो दिन पहले तक टिकट काउंटर से लेकर रेलवे प्लेटफार्म और ट्रेन की बोगियों तक बेजा भीड़ दिखाई दे रही थी,यात्रियों के बीच बोगी में घुसने और सीट पाने की जिस तरह से होड़ लगती थी, लेकिन इस बार ऐसा कुछ भी नहीं रहा। रूटीन की ट्रेनों के न चलने से स्टेशन के सभी जनरल टिकट काउंटर बंद रहे। सिर्फ चंद यात्री ही रिजर्वेशन काउंटरों के माध्यम से टिकट खरीद कर प्लेटफार्म तक पहुंच सके।

यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे हर वर्ष रूटीन ट्रेनों के अलावा त्यौहार स्पेशल ट्रेनें भी चलाता था। ताकि यात्रियों को भीड़ से राहत दे सके और ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को कंफर्म पर टिकट पर यात्रा करवा सके , लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण के चलते ऐसा निजाम बदला कि रूटीन ट्रेनों को बंद करके वर्तमान में सिर्फ स्पेशल ट्रेनों को ही चलाना पड़ रहा है। हकीकत यह है कि स्पेशल ट्रेनों को भी रक्षाबंधन के त्यौहार में पर्याप्त सवारी नहीं मिल पा रही है।

सुबह 6 बजे से लेकर रात 10 बजे तक आईएसबीटी में सुनाई देने वाली एजेंटों की आवाजें इस बार राखी के त्यौहार में खामोश रहीं। मंडला, डिंडोरी,सागर, दमोह, छिंदवाड़ा बालाघाट,सिवनी, छतरपुर, पन्ना, कटनी, सतना व रीवा के लिए सवारियों को बुलाकर बस में बैठाने का काम संभालने वाले अपने घरों में कैद रहे। सरकार से 40 करोड़ बकाया रोड टैक्स माफ किये जाने को लेकर अड़े बस आॅपरेटर्स की लगातार हड़ताल चलने की वजह से इस बार रक्षाबंधन के त्यौहार में एक भी बस नहीं चली। वहीं जो सवारी इस लालच में बीटी तक पहुंची की शायद उन्हे रक्षाबंधन त्यौहार के अवसर पर बस से सफर करने मिल जाए उन्हे भी अपने घर को निराश होकर वापस ही लौटना पड़ा।

Source : Agency

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