Tuesday, August 4th, 2020
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दर-दर भटक रही धोखाधड़ी की शिकार महिला

नरसिहपुर
सरकार केंद्र की हो या प्रदेश की हो दोनों ही सरकार के मुखिया एक ही नारा बुलंद किए हुए हैं कि न खाऊंगा ना खाने दूंगा और देश प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाऊंगा परंतु दोनों ही मुखिया के इस बुलंद नारे को नगर पालिका के अधिकारी धता बता रहे हैं और भ्रष्टाचार को लगातार बढ़ावा दे रहे ऐसे ही एक भ्रष्टाचार का मामला करेली नगर पालिका में 5 माह पहले सामने आया था जिसकी षिकायत 9 माह पूर्व की गई थी।

इतना समय बीतने के बाद भी पुलिसिया कार्यवाही लालफीतासाही की भेंट चढती दिखाई देरही है इस मामले में करेली नगरपालिका के तत्कालीन सेनेटरी इंस्पेक्टर ने योजना के नाम पर एक महिला से 80000 रुपये लेकर उसके साथ धोखाधड़ी की शिकायत करने बाली महिला आठ माह से न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रही लेकिन जिले के अधिकारी सिर्फ जांच की बात कहकर मामले को टाल रहे है एक बार फिर नए पुलिस कप्तान को आवेदन दिया गया है देखना यह है कि उक्त महिला को आखिरकार कब तक न्याय मिल सकेगा। या स्थानीय पुलिस की मर्जी से लोगो को न्याय की झूठी उम्मीद रहेगी। शिकायतकर्ता महिला होने के बावजूद पुलिसिया जांच में 9 माह बीत गए महिला को न्याय मिलना तो दूर अब तक संबंधित के खिलाफ एफ आई आर तक दर्ज नहीं हो सकी।

यह मामला अगस्त 2018 का है जिसमें स्नेहलता ठाकुर लक्ष्मीनारायण वार्ड निवासी करेली ने नगर पालिका में कार्यरत रहे तत्कालीन सेनेटरी इंस्पेक्टर विजय पटेल की नामजद शिकायत 25 नबम्बर 2019 में पुलिस अधीक्षक नरसिंहपुर से की है षिकायत में उल्लेख है कि  भारत सरकार द्वारा संचालित मैन्युअल स्कैवेंजर घोषणा योजना का लाभ दिलाने के नाम पर 80 हजार नगद रिश्वत के बतौर जमा कराएं और इस बात का पुख्ता प्रमाण महिला के पास वीडियो व अडियो बनाकर भी रखा गया है। यहां पर यह बात गौरतलब है कि भारत सरकार द्वारा 10 जून 2018 को इस योजना को बंद कर दिया गया जिसके लिए पत्र भी नगरपालिका को भेजा गया। उसके बावजूद नगर पालिका के तत्कालीन सेनेटरी इंस्पेक्टर द्वारा 31 अगस्त 2018 में महिला से योजना का लाभ दिलाने के लिए पैसे जमा करा लिये साथ ही जब महिला द्वारा अपने पैसे वापस चाहे जाए तो ना तो उसे आज तक पैसे ही मिलेए ना ही योजना का लाभ मिला और इस तरह महिला और उसका परिवार खुद को खुलेआम ठगा महसूस कर रहा है इससे सेनेटरी इंस्पेक्टर नियत और धोखाधड़ी की मंशा को उजागर करता है।

महिला द्वारा उक्त योजना का लाभ न मिलने के चलते पुलिस में शिकायत की गई है। और चार माह बीत जाने के बाद भी जांच का आज तक पूरी नही हो पाई और सेनेटरी इंस्पेक्टर विजय पटेल के दबाव अथवा प्रभाव में पुलिस द्वारा भी पर्याप्त साक्ष्य मौजूद होने के बाद भी कोई न्याय संगत कार्यवाही नहीं किया जाना मध्यप्रदेश में महिला अधिकारों और महिला सशक्तिकरण की राहों में ठेंगा दिखाता नजर आ रहा है। तब जाकर महिला ने मध्य प्रदेश सरकार के मुखिया से गुहार लगाई और सीएम हेल्प लाईन पर 24 फरवरी 2020 को भी षिकायत की जिसका क्रमांक 10348014 पीडिता के पुत्र षुभम ठाकुर द्वारा की गई इसके बाद भी आज तक जॉच में तेजी नहीं आना पुलिस की कार्यवाही पर भी प्रष्नचिन्ह लगाती है महिलाओं के साथ नगर पालिका सेनेटरी इंस्पेक्टर के द्वारा की गई धोखाधड़ी और रिश्वत कांड पर सभी जिम्मेदारों का मौन रहना समझ से परे है। विजय पटेल वहीं सेनेटरी इंस्पेक्टर हैं जिन्हें तत्कालीन महिला सीएमओ से अवध व्यवहार की शिकायत  होने पर इन्हें तत्काल प्रभाव से  निलंबित  किया गया था और यह वर्तमान में साईंखेड़ा नगर पालिका में  अटैच हैं महिला संगठन और महिला अधिकार आयोग को भी स्वत संज्ञान लेना चाहिए परंतु वहां से भी अभी तक कोई उल्लेखनीय कार्यवाही ना किया जाना संदेह का वातावरण निर्मित कर रहा है। उसको पुलिस और न्याय प्रणाली से पूरा न्याय दिलाया जाए और आरोपी रिश्वत लेने वाले सेनेटरी इंस्पेक्टर विजय पटेल की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पीड़िता स्नेहलता ठाकुर द्वारा की जा रही है। जिस पर जिले और करेली पुलिस द्वारा सख्त कार्यवाही किया जाना भविष्य की गर्त में छुपा हुआ है।

Source : Agency

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