Monday, September 28th, 2020
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Sushma Swaraj death anniversary: ...जब सुषमा स्वराज ने PAK को सुनाई थी खरी-खोटी, विश्वभर में हुई थी चर्चा

नई दिल्ली 
पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता सुषमा स्वराज की आज (गुरुवार) पहली पुण्यतिथि है। पिछले साल छह अगस्त को उनका दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल में निधन हो गया था। सुषमा स्वराज ने विदेश मंत्री के अपने कार्यकाल में दुनिया के विभिन्न देशों में फंसे अनेकों भारतीयों की मदद की। वह उन चंद नेताओं में से एक थीं, जो न सिर्फ बीजेपी में ही मानी जाती थीं, बल्कि उनके प्रशंसक अन्य पार्टियों के नेता भी थे। सुषमा स्वराज अपनी भाषण शैली के चलते भी काफी लोकप्रिय थीं। साल 2015 में विदेश मंत्री की हैसियत से न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र की 70वीं महासभा के अधिवेशन में दिया गया उनका भाषण काफी पसंद किया गया था। पूरे संबोधन के दौरान उन्होंने पाकिस्तान पर जमकर हमला बोला था। उन्होंने दुनिया के सामने पाकिस्तान को खूब-खरी खोटी सुनाई। सुषमा स्वराज ने खुलेआम पाकिस्तान को आतंकवाद की फैक्ट्री कहकर संबोधित किया था। उनके इस भाषण की पूरे विश्व में चर्चा हुई थी।

अपने संबोधन में सुषमा ने कहा था, 'पाक जो खुद को आतंकवाद से पीड़ित बताता है, दरअसल वह झूठ बोल रहा है। जब तक सीमापार से आतंक की खेती बंद नहीं होगी भारत-पाकिस्तान के बीच बातचीत नहीं हो सकती। भारत हर विवाद का हल वार्ता के जरिए चाहता है किंतु वार्ता और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते। इसी मंच से पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने पाक और भारत के बीच शांति पहल का एक चार सूत्रीय प्रस्ताव रखा था, मैं उसका उत्तर देते हुए कहना चाहूंगी कि हमें चार सूत्रों की जरूरत नहीं है, केवल एक सूत्र काफी है, आतंकवाद को छोड़िए और बैठकर बात कीजिए।' तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का 30 सितंबर 2018 को दिया गया भाषण भी काफी लोकप्रिय हुआ था। उस दिन सुषमा ने संयुक्त राष्ट्र के मंच से उसे ही सीख दी थी। सुषमा स्वराज ने हिंदी में दिए भाषण में कहा था कि संयुक्त राष्ट्र में तत्काल सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा था, 'मैं संयुक्त राष्ट्र की विशिष्ट और सकारात्मक भूमिका को रेखांकित करते हुए अपनी बात शुरू करती हूं लेकिन मुझे यह अवश्य कहना होगा कि कदम दर कदम इस संस्था के महत्व, प्रभाव, सम्मान और मूल्यों में अवनति शुरू हो रही है।' 

संयुक्त राष्ट्र को संबोधित करते हुए स्वराज ने कहा था, 'वसुधैव कुटुंबकम की बुनियाद है परिवार और परिवार प्यार से चलता है , व्यापार से नहीं, परिवार मोह से चलता है, लोभ से नहीं, परिवार संवेदना से चलता है, परिवार सुलह से चलता है, कलह से नहीं इसीलिए हमें यूएन को परिवार के सिद्धांत पर चलाना होगा। पिछले पांच सालों से हम लगातार इस मंच से इस बात पर बहस कर रहे हैं कि सिर्फ आतंकी और उनके संरक्षकों को पहचानना काफी नहीं है बल्कि हमें अतंराष्ट्रीय कानून के तहत उनकी जवाबदेही तय करनी होगी।'
 

Source : Agency

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