Monday, September 28th, 2020
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मुंबई पुलिस पर भड़के बिहार DGP, बोले- हमारे अफसर को कैदी बनाकर रखा है, SC के ऑब्जर्वेशन को ठेंगा दिखा रहे हैं

पटना  
बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने मुंबई पुलिस पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को नहीं मानने का आरोप लगाया है। गुरुवार को डीजीपी पांडे मुंबई में क्वारंटाइन किए गए पटना एसपी विनय तिवारी के मुद्दे पर पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुंबई पुलिस ने हमारे अफसर को तीन दिन से कैदी बना रखा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वे (मुंबई पुलिस) सुप्रीम कोर्ट के ऑब्जर्वेशन को भी ठेंगा दिखा रहे हैं।सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले में सुशांत के पिता केके सिंह ने पटना के राजीवनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद बिहार पुलिस की एक टीम केस की जांच के लिए मुंबई गई। आरोप लगा कि मुंबई पुलिस जांच में सहयोग नहीं कर रही है। इसके बाद बिहार पुलिस ने जांच में तेजी लाने के लिए तेजतर्रार अफसर पटना एसपी आईपीएस विनय तिवारी को मुंबई भेजा। वहां पहुंचने पर विनय को क्वारंटाइन कर दिया गया।

सुशांत मौत मामले की जांच को बिहार सरकार ने सीबीआई से कराने की सिफारिश की थी। केंद्र सरकार ने इसे स्वीकार कर लिया और इस संबंध में बुधवार को नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया। इसके बाद बिहार पुलिस की टीम मुंबई से गुरुवार को पटना लौट गई। इन सब के बीच मुंबई पुलिस ने अभी तक पटना एसपी विनय तिवारी को नहीं छोड़ा है। इसी मुद्दे पर बिहार के डीजीपी मुंबई पुलिस पर भड़क गए हैं। उन्होंने कहा, 'आखिर क्यों मुंबई पुलिस असयोग कर रही है? पूरा देश चाहता है कि सुशांत सिंह राजपूत मामले में सच सामने आए। मुंबई पुलिस ने हमारे अफसर को तीन से कैदी बनाकर रखा है। डीजीपी पांडे ने कहा कि आज हमने फिर पत्र लिख कर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई का हवाला दिया है। हमने पत्र में लिखा है कि सुप्रीम कोर्ट ने ये आदेश दिया है। लेकिन वे लोग सुप्रीम कोर्ट के ऑब्जर्वेशन को ठेंगा दिखा रहे हैं।'

बिहार डीजीपी ने कहा, 'हम लोग तो छोटे से छोटे अदालत का आदेश मानते हैं। सुप्रीम कोर्ट का आदेश नहीं मानने की हमारी औकात नहीं है। एक सीजेएम के आदेश को भी मानते हैं। न्यायालय की एक गरीमा है। अगर वो गरीमा समाप्त हो जाएगी तो लोकतंत्र बचेगा नहीं। सर्वोच्च न्यायालय में पूरे देश की आस्था है और आप उसकी बात को नहीं मानते हैं।'

डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने बताया, 'सर्वोच्च न्यायालय के ऑब्जर्वेशन के बाद हमारे आईजी ने फोन किया कि अब तो छोड़ दो। लेकिन इसके बाद उन्होंने नहीं छोड़ा है। अब हमने लिखित रूप में चिट्ठी लिखवाया है कि ये बता दो, अब छोड़ोगे कि नहीं, या तो लिख कर दे दो कि हम सुप्रीम कोर्ट के ऑब्जर्वेशन को कुछ नहीं समझते, या आप लिखकर दे दो कि गिरफ्तार कर लिया है। ये क्या मजाक है पूरा देश देख रहा है।'

Source : Agency

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