Tuesday, September 29th, 2020
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टोयोटा मोटर्स भारत में अपना नहीं बढ़ाएगी

 नई दिल्ली
जापान की दिग्गज ऑटो कंपनी Toyota Motors Corp ने कहा कि वह भारत में अपने कारोबार का और विस्तार नहीं करेगी। कंपनी ने इसके लिए भारत में ज्यादा टैक्स को जिम्मेदार बताया है। कंपनी का यह कदम मोदी सरकार के लिए बड़ा झटका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोनावायरस संक्रमण की वजह से पस्त इकॉनमी को दुरुस्त करने के लिए विदेशी कंपनियों को लुभाने की लगातार कोशिश करते आ रहे हैं।

टोयोटा की स्थानीय यूनिट टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (Toyota Kirloskar Motor) के वाइस चेयरमैन शेखर विश्वनाथन ने कहा कि सरकार कार और बाइक पर ज्यादा टैक्स वसूलती है। यह टैक्स इतना अधिक है कि कंपनियों के लिए अपना कारोबार बढ़ाना काफी मुश्किल है। उन्होंने कहा कि ज्यादा टैक्स की वजह से कई कंज्यूमर गाड़ियां खरीद भी नहीं पाते हैं। इससे फैक्टरियों में काम नहीं है और रोजगार पैदा नहीं हो रहे हैं।

हमें आपकी जरूरत नहीं
विश्वनाथन ने एक इंटरव्यू में कहा, 'यहां आने और पैसा निवेश करने के बाद हमें जो संदेश मिला वो यह है कि हमें आपकी जरूरत नहीं है।' उन्होंने आगे कहा कि कोई टैक्स रिफॉर्म्स ना होने की वजह से कंपनी भारतीय बाजार से नहीं निकलेगी लेकिन अपना कारोबार नहीं बढ़ाएगी।

टोयोटा दुनिया की सबसे बड़ी कार कंपनियों में से एक है। इसने भारत में अपने कारोबार की शुरुआत 1997 में की थी। इसकी लोकल यूनिट में जापानी कंपनी की 89 फीसदी हिस्सेदारी है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन डाटा के मुताबिक, अगस्त 2020 में कंपनी की भारतीय बाजार में हिस्सेदारी सिर्फ 2.6 फीसदी रह गई है जो एक साल पहले 5 फीसदी थी।

कार पर लग्जरी टैक्स
भारत में कार पर सिगरेट की तरह लग्जरी गुड्स टैक्स लगता है जिसकी वजह से इसकी कीमतें काफी बढ़ जाती हैं। इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने पिछले हफ्ते बताया था कि सरकार कंपनियों को मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने के लिए आकर्षित करने के लिए 23 अरब डॉलर का इंसेंटिव देने का प्लान बना रही है। भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा कार मार्केट है लेकिन ऑटो कंपनियां अपने बिजनेस को विस्तार देने के लिए लगातार मुश्किलों से जूझ रही हैं।

जनरल मोटर्स 2017 में भारतीय बाजार से निकल गई। जबकि फोर्ड मोटर ने भी पिछले साल अपने ज्यादातर एसेट्स भारत से बाहर ले जाने का फैसला किया। फोर्ड भारत में महिंद्रा एंड महिंद्रा के साथ मिलकर पिछले दो दशक से ग्राहकों को लुभाने की कोशिश कर रही है लेकिन कामयाब नहीं हो पाई।
अब

Source : Agency

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