Friday, September 25th, 2020
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बिहार के मेडिकल कॉलेजों में CT स्कैन को लेकर हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब, 18 को सुनवाई

पटना
पटना हाईकोर्ट ने राज्य में कोरोना महामारी के मामले में सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को यह बताने को कहा है कि राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीटी स्कैन मशीनें लगी हैं या नहीं। 

दिनेश कुमार सिंह व अन्य की जनहित याचिकाओं पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनवाई की। कोर्ट ने राज्य सरकार को विस्तृत जानकारी देने का निर्देश दिया है। अधिवक्ता ऋतिका रानी ने कोर्ट को बताया कि राज्य की आबादी का दो फीसदी लोगों का भी कोरोना टेस्ट नहीं हुआ है।

 12 करोड़ की आबादी वाले राज्य में सिर्फ 9 आरटी पीसीआर मशीनें हैं, जिससे कोरोना की सही जांच हो सकती है। लेकिन इसका भी न के बराबर उपयोग किया गया। कोविड अस्पतालों में सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के निर्देशों के बावजूद सीसीटीवी नहीं लगाए गए हैं। कोर्ट ने सरकार से यह भी बताने को कहा कि कोविड अस्पतालों के निरीक्षण के लिए डॉक्टरों की एक्सपर्ट टीम नहीं बनाई गई हैं। इस मामले पर 18 सितंबर को अगली सुनवाई होगी

गया के प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर के मामले पर सुनवाई जारी
गया के प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर के मामले पर पटना हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए राज्य सरकार व मंदिर प्रबंधन समिति को विचार विमर्श कर बताने को कहा कि मंदिर का प्रबंधन आगे कैसे हो। चीफ जस्टिस  संजय करोल की खंडपीठ ने गौरव कुमार सिंह की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि यह मंदिर सदियों पुराना है, जहां तीर्थयात्री अपनी धार्मिक भावनाओं को पूरा करने आते हैं।

मंदिर के पंडों के हितों का ख्याल रखा जाएगा,लेकिन इस मंदिर से आमलोगों की आस्था जुड़ी हुई हैं।इस जनहित याचिका में मांग की गई थी कि राज्य सरकार इस मंदिर को अपने नियंत्रण में लेकर इसका प्रबंधन के लिए बोर्ड का गठन करें। जैसे कि माता वैष्णो देवी या बाला जी मंदिर का प्रबंधन बोर्ड द्वारा किया जाता है। इस याचिका में यह भी कहा गया है कि विष्णुपद मंदिर की संपत्ति को सार्वजनिक संपत्ति घोषित किया, क्योंकि ये निजी संपत्ति नहीं है।इस मामले पर 22 सिंतबर को फिर सुनवाई की जाएगी।

Source : Agency

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