Saturday, October 24th, 2020
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BMC के खिलाफ कंगना रनौत की याचिका पर बॉम्बे HC में सुनवाई आज

मुंबई
कंगना रनौत की बीएमसी द्वारा उनके बंगले के एक हिस्से को गिराए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर आज बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई है। हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति एस. जे. कथावाला ने गुरुवार को कहा कि पीठ कंगना रनौत की याचिका पर शुक्रवार से सुनवाई शुरू करेगी और अदालत में अपनी दलीलें रखने के लिए शिवसेना नेता संजय राउत अपनी बारी आने से पहले कभी भी अपना जवाब दाखिल कर सकते हैं। अभिनेत्री कंगना रनौत ने अपनी याचिका में बीएमसी से दो करोड़ रुपये हर्जाने की मांग की है। 

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अभिनेत्री कंगना रनौत की बीएमसी द्वारा उनके बंगले के एक हिस्से को गिराए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर शिवसेना के प्रमुख प्रवक्ता संजय राउत से बृहस्पतिवार को जवाब मांगा। न्यायमूर्ति एस. जे. कथावाला और न्यायमूर्ति आर. आई चागला की पीठ ने बृहन्मुंबई नगर निगम के एच-वार्ड के अधिकारी भाग्यवंत लाते को भी याचिका पर अपनी प्रतिक्रिया दाखिल करने का निर्देश दिया। अभिनेत्री के बंगले के एक हिस्से को गिराने के आदेश पर लाते ने सात सितम्बर को हस्ताक्षर किए थे।


कंगना रनौत के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता बीरेंद्र सराफ ने मंगलवार को अदालत में एक डीवीडी सौंपी थी, जिसमें शिवसेना नेता संजय राउत द्वारा अभिनेत्री कंगना को कथित तौर पर धमकाने वाला एक बयान है। इसके बाद पीठ ने संजय राउत और लाते को मामले में पक्षकार बनाने की अनुमति दे दी थी। संजय राउत के वकील प्रदीप थोराट ने शिवसेना के राज्यसभा सांसद के अभी नई दिल्ली में होने की दलील देते हुए जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की। वहीं, बीएमसी के वरिष्ठ वकील अनिल साखरे ने भी लाते को जवाब दाखिल करने के लिए अतिरक्त समय देने का अनुरोध किया।

इस पर न्यायमूर्ति एस. जे. कथावाला ने कहा कि पीठ रनौत की याचिका पर शुक्रवार से सुनवाई शुरू करेगी और अदालत में अपनी दलीलें रखने के लिए राउत अपनी बारी आने से पहले कभी भी अपना जवाब दाखिल कर सकते हैं। पीठ ने कहा कि बीएमसी लाते की ओर से सोमवार तक जवाब दाखिल करे। पीठ ने कहा कि वह सुनवाई में देरी नहीं कर सकती। हाईकोर्ट पीठ ने कहा, 'हम ध्वस्त किए गए घर को ऐसे ही नहीं छोड़ सकते। इमारत आंशिक रूप से ध्वस्त की गई है और भारी मॉनसून में उसे वैसी ही स्थिति में छोड़ा नहीं जा सकता। हम याचिका पर कल से सुनवाई शुरू करेंगे।' 

दरअसल, कंगना रनौत ने नौ सितम्बर को उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी, जिसमें याचना की गई कि कि यहां पाली हिल क्षेत्र में उनके बंगले के एक हिस्से को बीएमसी द्वारा तोड़े जाने को अदालत अवैध घोषित करे। अभिनेत्री ने इसके बाद अपनी याचिका में संशोधन करते हुए बीएमसी से दो करोड़ रुपये हर्जाने की मांग भी की थी। बता दें कि शिवसेना और कंगना के बीच जुबानी जंग के दौरान ही बीएमसी की यह कार्रवाई सामने आई थी।

नौ सितंबर को बीएमसी ने तोड़ दिया था कंगना का दफ्तर
सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद कंगना रनौत ने मुंबई पुलिस पर निशाना साधना शुरू कर दिया था। इस दौरान, उन्होंने मुंबई की तुलना पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से कर दी थी, जिसके बाद उनके और शिवसेना सांसद संजय राउत के बीच बयानबाजी का दौर शुरू हो गया था। नौ सितंबर को बीएमसी ने कंगना के दफ्तर के एक हिस्से को अवैध बताते हुए तोड़ दिया था। हालांकि, कंगना द्वारा दायर याचिका में कोर्ट ने रोक लगा दी थी, लेकिन तब तक बीएमसी एक हिस्से को तोड़ चुकी थी। रनौत ने दफ्तर तोड़े जाने की कार्रवाई को अवैध बताते हुए बीएमसी और उसके अधिकारियों से दो करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है।

Source : Agency

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