Saturday, October 24th, 2020
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बिहार चुनाव: 6 लाख पीपीई किट, 46 लाख मास्क का इस्तेमाल होगा, कोरोना काल में सबसे बड़ा चुनाव


नई दिल्ली/पटना
चुनाव आयोग ने बिहार में विधानसभा चुनाव (Bihar me Kab hai Chunav) की तारीखों का ऐलान कर दिया है। सूबे में कुल तीन चरणों में वोटिंग (Bihar Election schedule 2020) होगी, 28 अक्टूबर को पहले फेज का मतदान होगा। 3 नवंबर को दूसरे और 7 नवंबर को तीसरे आखिरी चरण का चुनाव (Bihar Chunav Latest News) कराया जाएगा। 10 नवंबर को मतगणना (Bihar Election Date 2020) होगी, इसी के साथ बिहार में किसकी सरकार बनेगी ये भी स्पष्ट हो जाएगा। कोरोना काल में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने इस बार कई खास तैयारी भी की है। जहां मतदान का समय बढ़ाया गया है, वहीं कोविड-19 के संक्रमण पर लगाम को लेकर कई जरूरी कदम भी उठाए गए हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बिहार में चुनावी कार्यक्रम के पूरे शेड्यूल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोविड-19 के चलते 70 से ज्यादा देशों में चुनाव टाल दिए गए। चुनाव नागरिकों का लोकतांत्रिक अधिकार है, इसलिए चुनाव कराने जरूरी हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना काल में बिहार चुनाव के मद्देनजर काफी तैयारी की गई है, कई जरूरी कदम उठाए गए हैं। पोलिंग बूथ पर मतदाताओं की संख्या घटाई गई है, इस बार एक बूथ पर एक हजार मतदाता होंगे। सभी मतदान केंद्र ग्राउंड फ्लोर पर ही होंगे।


मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि कोरोना काल में सबसे बड़ा चुनाव है। इस बार 6 लाख पीपीई किट, 46 लाख मास्क का इस्तेमाल होगा। 6 लाख फेस शिल्ड, 23 लाख ग्लव्स, 47 लाख हैंड सेनेटाइजर की व्यवस्था की गई है। कोरोना पीड़ित भी मतदान के आखिरी समय में कर सकेंगे वोटिंग। 7 फरवरी 2020 को मतदाता सूची जारी हुई।


आयोग ने बताया कि इस बार मतदान का समय एक घंटे के लिए बढ़ाया गया है। सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होंगे। कोरोना काल में नए सुरक्षा मानकों के साथ चुनाव होंगे। बिहार में मतदाता 7.79 करोड़ मतदाता हैं, इनमें महिला 3.39 करोड़ महिला मतदाता हैं। वोटिंग के अंतिम समय में कोरोना मरीज भी वोट डाल सकेंगे।

चुनाव आयोग ने बताया कि राजनीतिक दल के कार्यकर्ता घर-घर जाकर चुनाव प्रचार कर सकेंगे, हालांकि, उनकी संख्या पांच से ज्यादा नहीं होगी। उम्मीदवार को नामांकन के दौरान दो वाहन ही ले जाने की इजाजत होगी। नामांकन पत्र ऑनलाइन भी भरे जा सकते हैं। चुनाव प्रचार सिर्फ वर्चुअल माध्यम से ही होगा। बड़ी- बड़ी जनसभाएं नहीं की जा सकेंगी।


सोशल मीडिया का इस्तेमाल भी एक चुनौती है। सोशल मीडिया पर कोई भी अगर समाज में तनाव पैदा करने की कोशिश करता है तो उस पर कानूनी कार्रवाई होगी। उम्मीदवारों के बारे में जानकारी वेबसाइट पर देनी होगी। उम्मीदवारों पर केस की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। सिक्योरिटी डिपॉजिट भी ऑनलाइन जमा कराना होगा। इस बार सुरक्षा में लगे कर्मियों की संख्या भी बढ़ाई गई है।

Source : Agency

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