Tuesday, October 27th, 2020
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नोटिस के खिलाफ ऋचा पहुंची हाईकोर्ट

बिलासपुर
हाईकोर्ट में एक रिट पिटिशन दायर कर मुंगेली कलेक्टर और जिला स्तरीय जाति छानबीन समिति की नोटिस को रद्द करने और अपनी जाति सम्बन्धी प्रमाण पत्र को प्रभावित करने वाली किसी भी कार्रवाई पर रोक लगाने की मांगको लेकर ऋचा जोगी ने याचिका दायर की। उन्होंने याचिका में कहा कि प्रशासन मुझे मरवाही उप-चुनाव को लड?े से रोकने के लिये अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर रही है।

अधिकवक्ता गैरी मुखोपाध्याय के माध्यम से दायर याचिका में छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जे) के प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व विधायक अमित जोगी की पत्नी व पूर्व मुख्यमंत्री स्व. अजीत जोगी की बहू ऋचा जोगी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने गैर कानूनी ढंग से जिला स्तरीय छानबीन समिति को जाति प्रमाण पत्र निरस्त करने का अधिकार दे दिया है। इसी समिति की ओर से मुंगेली जिले के कलेक्टर ने 29 सितम्बर को एक शिकायत के आधार पर उनके गोंड आदिवासी जाति प्रमाण पत्र की जांच के लिये नोटिस दिया है। यह नोटिस उनके पते पर नहीं भेजी गई। मीडिया से इसकी जानकारी मिली। इसके बावजूद निर्धारित तिथि 8 अक्टूबर को उनके भाई ऋषभ साधू की ओर से कलेक्टर के समक्ष पहुंचकर जाति प्रमाण पत्र के दस्तावेजों के साथ स्वयं उपस्थित होने के लिये समय मांगा गया। कलेक्टर मुंगेली द्वारा 12 अक्टूबर की तारीख तय की गई। इस दौरान जिला पंजीयक कार्यालय कोरोना संक्रमित कर्मचारी पाये जाने के कारण बंद कर दिया गया है, जिसके चलते उन्हें आवश्यक अन्य दस्तावेज प्राप्त नहीं हुए हैं।

याचिकाकर्ता ने कहा कि उनके परिवार की गोंड जाति विगत 50 वर्षों से सरकारी रिकॉर्ड में प्रमाणित है। उनके परिवार के अनेक लोग आदिवासी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे हैं। मुंगेली कलेक्टर व जिला स्तरीय समिति जानबूझकर उनके प्रमाण पत्र को निरस्त करना चाहती है ताकि वह मरवाही से चुनाव नहीं लड़ सकें। याचिकाकर्ता ऋचा जोगी ने 24 सितम्बर को गठित जिला स्तरी जाति छाबनीन समिति के संशोधन आदेश को निरस्त करने और इस आदेश के आधार पर जिला कलेक्टर मुंगेली द्वारा की जा रही समस्त कार्रवाई पर मामले की अंतिम सुनवाई तक रोक लगाने की मांग की है।

Source : Agency

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