Tuesday, October 27th, 2020
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सेना के लिए -50 डिग्री में उपयोग का सामान भारत ने अमेरिका से खरीदा

नई दिल्ली
एलएसी पर टेंशन के बीच भारत ने लद्दाख की 15 हजार फीट ऊंची बर्फीली पहाड़ियों पर तैनात सैनिकों के लिए अमेरिका से सर्दियों के कपड़े और उच्च ऊंचाई वाले इलाकों के लिए युद्धक किट खरीदी हैं। माइनस 50 डिग्री तक तापमान को झेलने वाले तंबू भी इन सैनिकों को उपलब्ध कराए गए हैं। पिछले चार दशकों में पड़ोसी चीन के साथ सबसे खराब गतिरोध ने भारत को सीमा पर हजारों सैनिकों, टैंकों और मिसाइलों को तैनात करने के लिए मजबूर किया है जबकि लड़ाकू जेट स्टैंड पर हैं। चीन से वार्ताओं के सात दौर बीतने के बाद भारत अब भी एलएसी पर लम्बी तैनाती नहीं चाहता लेकिन अगर ऐसी स्थिति बन रही है तो उसके लिए तैयारी भी पूरी कर ली है।

भारत ने यह खरीददारी अमेरिका से 2016 में हुए लॉजिस्टिक एक्सचेंज मेमोरेंडम (लेमोआ) समझौते के तहत की है। इस समझौते से दोनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच युद्धपोतों, विमानों के लिए ईंधन, स्पेयर पार्ट्स, लॉजिस्टिक सपोर्ट, सप्लाई और अन्य सेवाओं की सुविधा मिलती है। इनमें कपड़े, भोजन, स्नेहक, स्पेयर पार्ट्स, अन्य आवश्यक वस्तुओं के बीच चिकित्सा सेवाएं शामिल हैं।

पहले चीन के खरीदा जाता था युद्ध का सामान
भारत अब तक मुख्य रूप से यूरोप या चीन से अपने रक्षा बलों के लिए उच्च-ऊंचाई वाली किट बनवाता था लेकिन इस बार चीन से ही टकराव के चलते युद्धक किट अमेरिका और यूरोप से खरीदी गई है। भारतीय सेना में दूसरी सबसे बड़ी रैंक के अधिकारी वाइस चीफ एसके सैनी अन्य आपातकालीन खरीद और निर्माण क्षमताओं पर चर्चा करने के लिए 17 अक्टूबर से तीन दिन की अमेरिकी यात्रा पर हैं। हालांकि भारतीय सेना और भारत में अमेरिकी दूतावास के एक प्रवक्ता ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

यूरोप से भी की गई आपातकालीन खरीद
सूत्रों ने बताया कि चीन सीमा की अग्रिम चौकियों पर तैनात सैनिकों की तत्काल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए यूरोपीय देशों से भी आपातकालीन खरीद की गई है। भारत ने तत्काल आधार पर अमेरिका से सर्दियों के कपड़े और उच्च ऊंचाई वाले युद्धक किट खरीदे हैं। भारतीय सेना ने लद्दाख की सर्दियों में खुद को लंबी दौड़ के लिए तैयार रखने की यह तैयारियां तब की हैं जब पांच महीने पुराने गतिरोध का हल खोजने के लिए कोर कमांडर स्तर पर सैन्य वार्ता के सात दौर हो चुके हैं,लेकिन गतिरोध जारी है। भोजन और अन्य आवश्यक चीजों का अच्छी तरह से स्टॉक करने के लिए लगभग हर दिन विशाल सैन्य काफिलों में सामग्री के ट्रक एयरबेस पर पहुंच रहे हैं। भारतीय वायु सेना के परिवहन विमान सी-17 ग्लोब मास्टर से भी उक्त सामग्रियों को लेह एयरबेस पर लाकर अनलोड किया जा रहा है।

Source : Agency

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