Tuesday, December 1st, 2020
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आठ माह से बंद न्यायालय के खुले पट लेकिन पक्षकारों की मौजूदगी रही कम

बिलासपुर
राज्य के उच्च न्यायालय से लेकर नीचली अदालतों के  आठ माह से बंद द्वार दीवपावली अवकाश के बाद फिर से खुल गये। कोरोना संक्रमण के चलते अदालतों को बंद कर दिया गया था केवल आवश्यक प्रकरणों की सुनवाई आॅन लाईन हो रही थी। आज कोर्ट खुलने का पहला दिन था लेकिन पक्षकारों की उपस्थिति काफी कम रही।

मंलवार को उच्च न्यायालय में  सुबह 10 बजे से प्रत्यक्ष सुनवाई शुरू हो गई। प्रत्येक बेंच सुनवाई के लिये अपनी कोर्ट में उतने ही प्रकरणों क संख्या स्वंय निर्धारित कर रही है,जितने प्रकरणों की सुनवाई को वह उसी दिन पूरा कर सकती है। अर्जेंट हियरिंग के लिये ज्यूडिशियल रजिस्ट्रार के पास आवेदन करना होगा। हाईकोर्ट में तीन डबल बेंच और 12 सिंगल बेंच बनाये गये हैं। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस पी.आर. रामचंद्र मेनन और जस्टिस पीपी साहू रिट याचिका तथा पीआईएल, बंदी प्रत्यक्षीकरण जैसे मामले सुनेंगे। दूसरी डबल बेंच में जस्टिस प्रशांत मिश्रा और जस्टिस रजनी दुबे हैं। इनमें सिविल मामले, कम्पनी और कमर्शियल मामले सुने जायेंगे। जस्टिस मनीन्द्र मोहन श्रीवास्तव और जस्टिस विमला सिंह कपूर की डबल बेंच में आपराधिक प्रकरणों की सुनवाई होगी।   

बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग और रायपुर जैसे शहरों में जहां अधीनस्थ न्यायालयों की संख्या अधिक है वहां रोटेशन के आधार पर कोर्ट खुलेगी। इन शहरों में सत्र न्यायालय व अतिरिक्त सत्र न्यायालय के अधिकतम 5 कोर्ट में रोटेशन पर काम होगा। न्यायिक मजिस्ट्रेट की अधिकतम 7 अदालतों में कार्रवाई होगी। शेष शहरों में भी अधिकतम संख्या इनसे अधिक नहीं होगी।

कोरोना संक्रमण को देखते हुए बीते 24 मार्च को लागू लॉकडाउन के बाद प्रदेशभर में निचली अदालतों का कामकाज ठप था। इस दौरान अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंस के जरिये हाईकोर्ट और सत्र न्यायालयों में की गई। कुछ दिन के लिये हाईकोर्ट में खुली सुनवाई का प्रयास इस दौरान हुआ था किन्तु हाईकोर्ट व महाधिवक्ता कार्यालय के स्टाफ में कोरोना मरीजों के मामले सामने आने के बाद यह निर्णय वापस ले लिया गया।

हाईकोर्ट सहित सभी न्यायालय में कोरोना गाईडलाइन का पालन किया जायेगा। किसी भी पक्षकार को अधिकतम दो वकीलों की अनुमति दी गई है। मास्क व सोशल डिस्टेंस के नियम के उल्लंघन पर कार्रवाई की जायेगी। जिला प्रशासन द्वारा कोविड-19 से बचाव के लिये जारी दिशा-निदेर्शों का पूरी तरह पालन किया जायेगा। हालांकि इतनी लंबी अवधि के बाद कोर्ट खुलने के बाद मंगलवार को जिला न्यायालय में अमूमन भीड़ कम रही। इसका एक मुख्य कारण दीपावली के त्योहार को भी माना जा रहा है। कोर्ट में वकील तो नजर आ रहे थे लेकिन पक्षकारों की उपस्थिति काफी कम रही।

Source : Agency

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