Saturday, February 27th, 2021
Close X

बढ़ते बच्‍चों के लिए बहुत फायदेमंद अंडा खिचड़ी

 

 

बच्‍चों के लिए अंडा बहुत फायदेमंद होता है लेकिन एक उम्र तक बच्‍चों को सीधा अंडा नहीं खिलाया जा सकता है। ऐसे में आपको कुछ ऐसी रेसिपीज के बारे में पता होना चाहिए जिनमें एग मिलाकर, बच्‍चे को अंडे के पोषण दिए जा सकें।


​एग खिचड़ी कैसे बनाएं
इस एग खिचड़ी को तैयार करने के लिए आपको दो चम्‍मच चावल, एक चम्‍मच मसूर की दाल, एक चम्‍मच मूंग दाल, एक या दो अंडे, आधा चम्‍मच घी या मक्‍खन, दो चम्‍मच कटी हुई प्‍याज, एक चम्‍मच गाजर, एक चुटकी हल्‍दी पाउडर, एक चुटकी काली मिर्च, डेढ़ कप पानी और चुटकीभर नमक की जरूरत होगी।

​एग खिचड़ी बनाने का तरीका
    दोनों दालों और चावल को पानी से अच्‍छी तरह से धो लें।
    अंडों को तोड़कर फेंट लें और इसे साइड में रख दें।
    अब गैस पर कुकर रखें और उसमें मक्‍खन या घी डालें।
    फिर इसमें प्‍याज डालें और दो मिनट तक भूनें।
    इसके बाद कुकर में गाजर डालें और फिर चावल और दाल डालनी हैं।
    इसे एक मिनट के लिए पकाएं और सभी चीजों को अच्‍छी तरह से मिक्‍स कर लें।
    अब आपको इसमें पानी डालना है और कुकर को ढक कर 4 सीटी लगा लें।
    कुकर खोलकर खिचड़ी को मैश कर लें।
    इसके बाद इसमें फेंटा हुआ अंडा डालें और गैस खोल लें।
    इसे धीमी आंच पर पकाएं और जब अंडा गाढ़ा हो जाए और पक जाए तो गैस को बंद कर दें।
    हल्‍की ठंडी होने पर बच्‍चे को यह खिचड़ी खिलाएं।

अंडे का पीला भाग आठ महीने से बड़े शिशु को खिलाया जा सकता है लेकिन अंडे का सफेद हिस्‍सा, बच्‍चे के 12 महीने के होने के बाद ही खिलाना चाहिए। यहां जो एग खिचड़ी की रेसिपी बताई गई है वो 12 महीने यानि एक साल से अधिक उम्र के बच्‍चे के लिए ही है।


अब जान लेते हैं कि बच्‍चों के लिए एग खाना कितना फायदेमंद होता है।

    अंडे के पीले भाग में कोलाइन और कोलेस्‍ट्रोल होता है जो शिशु के मस्तिष्‍क के विकास में मदद करता है। कोलेस्‍ट्रोल फैट्स को पचाने में मदद करता है और कोलाइन कार्डियोवस्‍कुलर और नर्वस सिस्‍टम को सही तरह से काम करने देता है।
    अंडे में ल्‍यूटिन और जीएक्‍सैंथिन नामक एंटीऑक्‍सीडेंट भी पाए जाते हैं। ल्‍यूटिन आंखों को तेज रोशनी से होने वाले नुकसान से बचाता है। ये दोनों ही एंटीऑक्‍सीडेंट आंखों की रोशनी कम होने से रोकते हैं।
    अंडे में कई तरह के खनिज पदार्थ होते हैं जैसे कि कैल्शियम, सेलेनियम और जिंक। ये सभी पोषक तत्‍व मिलकर इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूती प्रदान करते हैं। अंडों में फोलिक एसिड भी भरपूर मात्रा में होता है जिससे शरीर में कोशिकाओं के पुनर्निमाण में मदद मिलती है।
    इस बात पूरा ध्‍यान रखें कि एक साल के होने से पहले शिशु को अंडे का सफेद भाग बिलकुल ना दें।

इस एग खिचड़ी को तैयार करने के लिए आपको दो चम्‍मच चावल, एक चम्‍मच मसूर की दाल, एक चम्‍मच मूंग दाल, एक या दो अंडे, आधा चम्‍मच घी या मक्‍खन, दो चम्‍मच कटी हुई प्‍याज, एक चम्‍मच गाजर, एक चुटकी हल्‍दी पाउडर, एक चुटकी काली मिर्च, डेढ़ कप पानी और चुटकीभर नमक की जरूरत होगी।

​एग खिचड़ी बनाने का तरीका
    दोनों दालों और चावल को पानी से अच्‍छी तरह से धो लें।
    अंडों को तोड़कर फेंट लें और इसे साइड में रख दें।
    अब गैस पर कुकर रखें और उसमें मक्‍खन या घी डालें।
    फिर इसमें प्‍याज डालें और दो मिनट तक भूनें।
    इसके बाद कुकर में गाजर डालें और फिर चावल और दाल डालनी हैं।
    इसे एक मिनट के लिए पकाएं और सभी चीजों को अच्‍छी तरह से मिक्‍स कर लें।
    अब आपको इसमें पानी डालना है और कुकर को ढक कर 4 सीटी लगा लें।
    कुकर खोलकर खिचड़ी को मैश कर लें।
    इसके बाद इसमें फेंटा हुआ अंडा डालें और गैस खोल लें।
    इसे धीमी आंच पर पकाएं और जब अंडा गाढ़ा हो जाए और पक जाए तो गैस को बंद कर दें।
    हल्‍की ठंडी होने पर बच्‍चे को यह खिचड़ी खिलाएं।

अंडे का पीला भाग आठ महीने से बड़े शिशु को खिलाया जा सकता है लेकिन अंडे का सफेद हिस्‍सा, बच्‍चे के 12 महीने के होने के बाद ही खिलाना चाहिए। यहां जो एग खिचड़ी की रेसिपी बताई गई है वो 12 महीने यानि एक साल से अधिक उम्र के बच्‍चे के लिए ही है।


अब जान लेते हैं कि बच्‍चों के लिए एग खाना कितना फायदेमंद होता है।

    अंडे के पीले भाग में कोलाइन और कोलेस्‍ट्रोल होता है जो शिशु के मस्तिष्‍क के विकास में मदद करता है। कोलेस्‍ट्रोल फैट्स को पचाने में मदद करता है और कोलाइन कार्डियोवस्‍कुलर और नर्वस सिस्‍टम को सही तरह से काम करने देता है।
    अंडे में ल्‍यूटिन और जीएक्‍सैंथिन नामक एंटीऑक्‍सीडेंट भी पाए जाते हैं। ल्‍यूटिन आंखों को तेज रोशनी से होने वाले नुकसान से बचाता है। ये दोनों ही एंटीऑक्‍सीडेंट आंखों की रोशनी कम होने से रोकते हैं।
    अंडे में कई तरह के खनिज पदार्थ होते हैं जैसे कि कैल्शियम, सेलेनियम और जिंक। ये सभी पोषक तत्‍व मिलकर इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूती प्रदान करते हैं। अंडों में फोलिक एसिड भी भरपूर मात्रा में होता है जिससे शरीर में कोशिकाओं के पुनर्निमाण में मदद मिलती है।
    इस बात पूरा ध्‍यान रखें कि एक साल के होने से पहले शिशु को अंडे का सफेद भाग बिलकुल ना दें।

Source : Agency

आपकी राय

4 + 2 =

पाठको की राय