Monday, November 18th, 2019

राउरकेला-जमशेदपुर के बीच थर्ड रेल लाइन का निर्माण जोरों पर

रायपुर 
हावडा-मुंबई मुख्य रेलमार्ग पर ट्रेनों के परिचालन को बढ़ाने के लिए राउरकेला-चक्रधरपुर- जमशेदपुर के बीच थर्ड रेललाइन का निर्माण जोरों पर है. इस दिशा में पौसैता-गोईलकेरा-सौनुवा के बीच करीब 29 किलोमीटर पटरी का निर्माण पूरा हो गया है. इस रेलखंड पर 700 मी लंबा एक रेल सुरंग भी बनाया गया है.

दक्षिण-पूर्व रेलवे के संरक्षा आयुक्त एसएन द्विवेदी ने गुरुवार को पौसैता और गोईलकेरा के बीच थर्ड रेललाइन का निरीक्षण किया. जबकि शुक्रवार को गोइलकेरा और सोनुवा के बीच थर्ड रेल लाइन का जायजा लिया. पौसैता और गोईलकेरा के बीच थर्ड रेललाइन पर  700 मीटर लंबा रेल सुरंग भी बनाया गया है, जो 140 साल पहले अंग्रेजों के द्वारा बने रेल सुरंग के पास स्थित है. यह सुरंग पुराने सुरंग से चौड़ा है. रूड़की के इंजीनियरों ने इसे डिजाइन किया और करीब 263 करोड़ की लागत से इसे बनाया गया है. इस सुंरग से ट्रेनें 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरेंगी, जबकि पुराने सुरंग से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ही गुजर पाती हैं.

निरीक्षण के बाद संरक्षा आयुक्त ने कहा कि वे थर्ड लाइन और सुरंग के निर्माण से काफी संतुष्ठ हैं और जल्द ही अपनी रिपोर्ट रेलवे को सौंप देंगे. इसके तुरंत बाद पौसैता और सोनुवा के बीच थर्ड लाइन पर ट्रेनों का परिचालन शुरू हो जाएगा.

हावड़ा-मुबंई रेलमार्ग से रेलवे को सबसे अधिक राजस्व प्राप्त होता है. इस मार्ग पर मालगाडियों और पैसेंजर ट्रेनों का भारी दबाव भी है. इसलिए थर्डलाइन को लेकर रेलवे ध्यान केंद्रित कर रहा है. हालांकि थर्ड लाइन के निर्माण के दौरान सांरडा में नक्सलियों से सुरक्षा दे रहे सात सैफ के जवानों को जान भी गवांनी पड़ी. मच्छड़ काटने से ब्रेन मलेरिया का शिकार हो गये ये जवान.

थर्ड रेललाइन का काम पूरा हो जाने पर राउरकेला-चक्रधरपुर-जमशेदपुर के बीच ट्रेनों की संख्या अगले साल तक बढ़ जाएगी और सफर का समय भी कम हो जाएगा.

Source : Agency

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