Tuesday, June 25th, 2019

मिशन 2019 के लिए पीएम का मंत्र, जीत के लिए केवल मोदी के भरोसे न रहें, कड़ी परीक्षा बाकी

नई दिल्ली 
दिल्ली में हुए राष्ट्रीय अधिवेशन में पीएम नरेंद्र मोदी ने कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र दिया और मिशन 2019 के लिए कार्यकर्ताओं को तैयारियों में जुट जाने का संदेश देते हुए मोदी ने उन्हें चेताया भी। पीएम ने शनिवार को समाप्त हुए अधिवेशन में कहा कि कार्यकर्ताओं को संगठन की अहमियत को नहीं भूलनी चाहिए और उन्हें लोकसभा चुनाव में जीत के लिए किसी एक पर निर्भर भी नहीं होना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं को पोलिंग बूथ मजबूत करने और पूरी ताकत से चुनाव के लिए जुट जाने का आह्वान किया।  

पीएम ने कहा, 'एक हवा फैलती है मोदी आएगा सब ठीक हो जाएगा, सब जीत जाएंगे...बाजी पलट देंगे। यह सुनने में तो अच्छा लगता है। लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि मोदी भी संगठन का ही बच्चा है। अभी हमारा कड़ी परीक्षा होनी बाकी है। हम ऐसी मीठी बातों से फिसल भी सकते हैं।' 

शनिवार को अपने 80 मिनट के भाषण में पीएम मोदी ने विपक्ष के गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि एक मजबूत सरकार और एक मजबूर सरकार के बीच चुनाव करना है। उन्होंने पार्टी के चेताया कि हमें आत्मसंतोष के साथ नहीं बैठना है। उन्होंने कहा, 'बारिश बीज के लिए अच्छी होती है। लेकिन हमें पता है कि अगर किसान इसे सही समय पर नहीं बोएंगे तो क्या बारिश और बीज का कोई मतलब रह जाएगा? इसी तरह हमें चुनावी फील्ड को तैयार करना होता है। मेरा बूथ सबसे मजबूत हो, यही हमारी जीत का मंत्र होना चाहिए।' 

प्रधानमंत्री मोदी ने अधिवेशन में कांग्रेस पर हमला बोलते हुए अपने मुख्यमंत्री काल का भी जिक्र किया। दरअसल, प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और अब छत्तीसगढ़- इन तीन राज्यों में सीबीआई पर बैन का उदाहरण दे रहे थे। इसी दौरान उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इन लोगों ने ऐसे क्या काम किए हैं कि इनकी नींद हराम हो गई और इन्हें डर लग रहा है। उन्होंने आगे बताया, 'मैं जब गुजरात का मुख्यमंत्री था तो 12 साल तक लगातार कांग्रेस, उसके साथियों और उसके इशारे पर चलने वाले सिस्टम ने, उसके रिमोट से चलने वाले नेताओं और अफसरों ने, उनकी पूरी सल्तनत ने हर तरीके से मुझे परेशान करने का काम किया था। उन लोगों ने एक मौका नहीं छोड़ा था।' 

कांग्रेस की पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए पीएम ने कहा, 'उनकी एक भी एजेंसी ऐसी नहीं थी जिसने मुझे सताया न हो। इतना ही नहीं, 2007 में कांग्रेस के एक बड़े नेता (जो मंत्री थे) गुजरात आए तो चुनाव सभा में दावा कर दिया था कि मोदी कुछ महीने के अंदर जेल चला जाएगा। विधानसभा में कांग्रेस के नेता भाषण देते थे कि मोदी जेल जाने की तैयारी करें, अब मुख्यमंत्री हैं तो जेल की सफाई ठीक रखो क्योंकि आपको जिंदगी जेल में ही गुजारनी है।' 

पीएम ने कहा, 'आप सभी ने सीबीआई की स्पेशल कोर्ट का फैसला सुना होगा। इस फैसले से साफ हो गया है कि किस तरह से UPA सरकार का एकमात्र अजेंडा था कि किसी भी प्रकार से मोदी को फंसाओ और अमित भाई को तो उन्होंने जेल में डाल भी दिया था। पर हमने कभी ऐसा नियम नहीं बनाया कि सीबीआई या ऐसी कोई संस्था गुजरात में घुस नहीं सकती है। हमारे पास भी सत्ता थी, हम भी कानून जानते थे लेकिन हमें सत्य और कानून पर विश्वास था। ये लोग अपने काले कारनामों का खुलासा होने से डरे हुए हैं।' 

सोहराबुद्दीन, उनकी पत्नी कौसर बी और सहयोगी तुलसीराम प्रजापति के साथ कथित फर्जी मुठभेड़ की जांच कर रही केंद्रीय जांच एजेंसी पर विशेष सीबीआई अदालत ने हाल में एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की थी। अदालत ने कहा कि मुठभेड़ की जांच पहले से सोचे समझे गए एक सिद्धांत के साथ कई राजनीतिक नेताओं को फंसाने के मकसद से की गई थी। विशेष सीबीआई न्यायाधीश एसजे शर्मा ने 21 दिसंबर को मामले में 22 आरोपियों को बरी करते हुए 350 पृष्ठों वाले फैसले में यह टिप्पणी की। 

उन्होंने कहा कि कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ जो कार्रवाई हो रही है, उसके कारण देश की सियासत भी बदल रही है। उनका इशारा विपक्षी गठबंधन पर था। पीएम ने आगे कहा कि इनकी (कांग्रेस की) पोल खुल रही है तो ये गाली-गलौच पर उतर आए हैं। अब ये साजिशों पर उतर आए हैं। अब ये सब चाहे जितना गाली दें, झूठ बोलें लेकिन चौकीदार रुकने वाला नहीं है। अभी तो यह शुरुआत हुई है। 

बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब सरकार पर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा है। हम सब इस बात पर गर्व कर सकते हैं कि एक भी दाग हम पर नहीं है। हमसे पहले की सरकारों ने देश को बहुत अंधेरे में धकेल दिया था। 2004-2014 तक पूरे 10 साल देश ने भ्रष्टाचार और घोटालों के आरोपों में गंवा दिए। 
 

Source : Agency

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