Monday, August 26th, 2019

राफेल पर रार के बीच CAG ने राष्ट्रपति को भेजी अपनी रिपोर्ट

नई दिल्ली 
राफेल डील में कथित अनियमितताओं के कांग्रेस पार्टी के आरोपों के बीच नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति को भेज दी है। आपको बता दें कि कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियां राफेल डील को लेकर सरकार पर हमलावर हैं। ऐसे में इस डील पर तैयार कैग रिपोर्ट के संसद में रखे जाने का इंतजार किया जा रहा है। बताया है कि सोमवार को ही कैग ने राफेल डील पर तैयार अपनी रिपोर्ट को आधिकारिक तौर पर राष्ट्रपति भवन भेजा है।  


दरअसल, CAG अपनी रिपोर्ट की एक कॉपी राष्ट्रपति के पास और दूसरी कॉपी वित्त मंत्रालय के पास भेजते हैं। बताया गया है कि CAG ने राफेल पर 12 चैप्टर लंबी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है। आपको बता दें कि कुछ हफ्ते पहले ही रक्षा मंत्रालय ने राफेल पर विस्तृत जवाब और संबंधित रिपोर्ट CAG को सौंपी थी, जिसमें खरीद प्रक्रिया की अहम जानकारी के साथ 36 राफेल की कीमतें भी बताई गईं थीं। 

कैग की यह रिपोर्ट काफी लंबी है, जिसे प्रोटोकॉल के तहत सबसे पहले राष्ट्रपति के पास भेजा गया है। अब राष्ट्रपति भवन की ओर से CAG रिपोर्ट लोकसभा स्पीकर के ऑफिस और राज्यसभा चेयरमैन के ऑफिस को भेजी जाएगी। बजट सत्र बुधवार को समाप्त हो रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि कल या परसों ही राफेल पर कैग रिपोर्ट को लोकसभा और राज्यसभा में रखा जा सकता है। 

राफेल पर नियम बदले? टीम हेड का जवाब 
मीडिया रिपोर्ट में सोमवार को किए गए दावे के बीच भारतीय पक्ष की तरफ से राफेल वार्ता का नेतृत्व करने वाले एयर मार्शल SBP सिन्हा ने कहा कि एक पॉइंट को साबित करने के लिए कुछ नोट्स सिलेक्टिव तरीके से उठाए जा रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि इनमें सच्चाई नहीं है। भारतीय टीम ने जो अपनी अंतिम रिपोर्ट दी है उस पर सभी 7 सदस्यों ने बिना किसी असहमित के हस्ताक्षर किए हैं। 

सरकार से सरकार के बीच कॉन्ट्रैक्ट में ऐंटी-करप्शन क्लॉज पर एयर मार्शल सिन्हा ने कहा कि अब तक हमारा अमेरिका और रूस के साथ 'सरकार से सरकार' कॉन्ट्रैक्ट था। यह तीसरा 'सरकार से सरकार' कॉन्ट्रैक्ट है, जो फ्रांस के साथ हुआ। ऐसा क्लॉस इनमें से किसी के साथ नहीं था। 

Source : Agency

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