Sunday, April 21st, 2019

क्या कार्तिक का सिंगल नहीं लेना टीम इंडिया को पड़ा भारी? हरभजन ने उठाए सवाल

चेन्रै 
न्यू जीलैंड के खिलाफ आखिरी टी-20 मैच में क्रुणाल पंड्या के साथ मिलकर दिनेश कार्तिक ने टीम इंडिया को जीत के नजदीक तो पहुंचा दिया, लेकिन जीत नहीं दिला सके। अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिरी ओवर में जब टिम साउदी बोलिंग कर रहे थे तो तीसरी गेंद पर अगर दिनेश कार्तिक ने सिंगल लेने से मना नहीं किया होता तो शायद इस मैच और सीरीज का नतीजा कुछ और हो सकता था। क्रिकेटर हरभजन सिंह ने कार्तिक के आखिरी ओवर में सिंगल न लेने के फैसले पर सवाल उठाए हैं। दरअसल हुआ ये कि मैच के अंतिम ओवर की तीसरी गेंद पर कार्तिक ने शॉट मारा, पंड्या इसके बाद एक रन लेने की कोशिश में दौड़कर दूसरे छोर पर पहुंच भी गए, लेकिन कार्तिक ने उन्हें वहां से वापस कर दिया और स्ट्राइक अपने पास ही रखी। जिस वक्त यह वाकया हुआ उस वक्त टीम को जीत के लिए 14 रनों की दरकार थी। मैच के ऐसे नाजुक मोड़ पर पहुंच जाने पर जहां एक-एक रन कीमती हो, कार्तिक द्वारा रन नहीं लेने के फैसले पर सवाल उठ रहे हैं। तीसरी गेंद पर रन नहीं लेने के फैसले को गलत मानने की एक और ठोस वजह है। साउदी के पिछले ओवर मे क्रुणाल पंड्या ने काफी रन बनाए थे और वह अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे। पंड्या ने ही साउदी के पिछले ओवर में टीम इंडिया की मैच में वापसी कराई थी। 
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मैच के आखिरी दौर में सिंगल लेने से मना करने का चलन खासकर धोनी ने काफी इस्तेमाल किया। 2013 में श्री लंका में वेस्ट इंडीज के खिलाफ ट्राई सीरीज के फाइनल में सिंगल लेने से बचते रहे थे और आखिरी ओवर में छ्क्के से टीम को जीत दिलाई थी। हालांकि, धोनी इस मैच में 10वें और 11वें नंबर के बल्लेबाजों के साथ बैटिंग कर रहे थे और भारत की जीत के लिए धोनी का स्ट्राइक पर होना बेहतर विकल्प था। इस पूरे मामले पर क्रिकेटर हरभजन सिंह कहते हैं, 'धोनी को अगर पता हो कि दूसरा बल्लेबाज लंब शॉट्स लगा सकता है तो वह रन लेने से कभी मना नहीं करते हैं। फिनिशर का काम विनिंग शॉट लगाना नहीं, पार्टनर के साथ मिलकर टीम की नैया पार लगाना होता है। कार्तिक का रविवार के मैच में रन नहीं लेने का निर्णय तर्कों के विरुद्ध है। अगर भुवनेश्वर कुमार भी दूसरी छोर पर होते तो मुझे समझ में आता, लेकिन क्रुणाल वहां थे। मुझे पता नहीं कि कार्तिक के दिमाग में क्या चल रहा था।' 

भज्जी का मानना है कि कार्तिक को फिनिशर के टैग को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। हरभजन कहते हैं, 'मुझे भरोसा है कि टीम मैनेजमेंट उनसे पूछेगा कि उन्होंने वो सिंगल लेने से क्यों मना किया। क्षण भर के फैसलों से मैच का पासा पलट सकता है और कार्तिक जैसे अनुभवी खिलाड़ी को यह पता है।' 

Source : Agency

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