Astrology Tips: अखंड ज्योति को स्वयं बुझने दें, फूंक मारकर बुझाने की गलती न करें
Astrology Tips: नवरात्रि पर 30 मार्च 2025 से शुरू हो रही है जो 7 अप्रैल तक चलेगी। इस दौरान माता के सामने जो अखंड दीपक जलाया जाता है उसे नवमी के दिन स्वयं बुझने दें, उसे फूंक मारकर बुझाने की गलती न करें।

Astrology Tips: उज्जवल प्रदेश डेस्क. नवरात्रि पर 30 मार्च 2025 से शुरू हो रही है जो 7 अप्रैल तक चलेगी। इस दौरान माता के सामने जो अखंड दीपक जलाया जाता है उसे नवमी के दिन स्वयं बुझने दें, उसे फूंक मारकर बुझाने की गलती न करें। बता दें कि नवरात्रि के 9 दिनों में विधि-विधान से माता के नौ रूपों की पूजा अर्चना की जाती है। वहीं नवमी तिथि को नवरात्रि का समापन होता है, नवरात्रि के अंतिम दिन पूजा करने के बाद अखंड ज्योति का क्या करना चाहिए, कलश में रखे जल और सिक्के का इस्तेमाल किस कार्य में किया जाना चाहिए।
जल को घर के सभी लोगों के सिर पर भी छिड़काना शुभ होता ?
नवरात्रि शुरू होते ही पहले दिन कलश स्थापित करते हैं, जिसमें पानी डाला जाता है। इस कलश की पूजा भी नवरात्रि के पहले दिन ही करते हैं। कहते हैं कि, पूजा के बाद सभी देवी-देवता कलश में प्रवेश करते हैं। इस तरह इस पानी की पवित्रता और भी बढ़ जाती है। इसलिए नवरात्रि समापन के बाद इस जल का इस्तेमाल सही तरीके से किया जाना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार, कलश में रखा जल पवित्र होता है। इसलिए इस जल का छिड़काव आपको अपने घर में करना चाहिए।
कलश में रखे सिक्के को तिजोरी में रखें
नवरात्रि पर कलश स्थापना के दौरान कलश के अंदर एक सिक्का डालते हैं। नवरात्रि के आखिरी दिन पूजा के बाद इस सिक्के को घर की तिजोरी में रखें या फिर अपने अपने पर्स में डाल सकते हैं। धन के स्थान पर इस सिक्के को रखने से आपकी आर्थिक तेजी से स्थिति सुधरती है।
शुभ फलों की प्राप्ति होती है
ज्योतिष के अनुसार नवरात्रि के बाद आपको कलश में रखे नारियल को किसी पवित्र नदी में प्रभावित कर देना चाहिए। इसके साथ ही लाल कपड़े में बांधकर अपने घर के पूजा स्थल में भी आप इसे रख सकते हैं। ऐसा करने से शुभ फलों की प्राप्ति आपको होती है।
नोट: हम इन सभी बातों की पुष्टि नहीं करते। अमल करने से पहले संबंधित विषय विशेषज्ञ से संपर्क करें।