ISRAELI सेना ‘मोराग कॉरिडोर’ से फिलिस्तीन में घुसकर करेगी GAZA के दो PART
ISRAEL की सेना 'मोराग कॉरिडोर' पर कब्जा जमाएगी। इससे खान यूनिस और राफा शहर से बाकी फिलिस्तीन का संपर्क टूट जाएगा।

ISRAEL: उज्जवल प्रदेश, तेल अवीव. इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास के साथ सीजफायर टूटने के बाद से अपने तेवर सख्त कर लिए हैं। इजरायल की सेना (ARMY) लगातार गाजा (GAZA) पर हमले कर रही है तो वहीं एक और खतरनाक प्लान का खुलासा खुद नेतन्याहू ने किया है।
उन्होंने बुधवार को कहा कि अब इजरायल की सेना ‘मोराग कॉरिडोर’ (MORAG CORRIDOR) पर कब्जा जमाएगी और वहां से फिलिस्तीन (PALESTINE) में घुसेगी (ENTER)। यह पट्टी खान यूनिस और राफा शहर के बीच में स्थित है। इससे पहले इजरायल ने गाजा और मिस्र के बीच की पट्टी फिलाडेल्फी पर कब्जा जमा ही रखा है। इसके चलते गाजा तक जरूरी सामान पहुंचना मुश्किल हो रहा है।
अब जो नई रणनीति है, उससे खान यूनिस और राफा शहर से बाकी फिलिस्तीन का संपर्क टूट जाएगा। इस तरह गाजा दो हिस्सों (TWO PARTS) में बंट (DIVIDE) जाएगा। नेतन्याहू का कहना है कि वह ऐसा इसलिए कर रहे हैं ताकि हमास पर ज्यादा से ज्यादा दबाव बनाया जा सके।
नेतन्याहू का कहना है कि यह इजरायल के लिए एक नए सुरक्षा कॉरिडोर की तरह होगा। नेतन्याहू ने कहा कि अब भी हमास के पास हमारे 54 बंधक हैं, जिनमें से 24 ही शायद जीवित बचे हैं। इन्हें छुड़ाने के लिए हम दबाव बना रहे हैं। दरअसल इजरायल ने नए सीजफायर के लिए हमास के सामने शर्त रखी है कि वह हथियार छोड़ दे और गाजा से भी निकल जाए। तभी 18 महीनों से चली आ रही जंग पर पूर्ण विराम लगेगा।
इजरायल और हमास के बीच जनवरी में 42 दिनों के सीजफायर पर सहमति बनी थी। इस दौरान इजरायल ने गाजा में मानवीय सहायता पहुंचने देने, राशन, दवा आदि पहुंचने पर रोक न लगाने पर सहमति जताई थी। हमास और इजरायल के बाद सीजफायर का 42 दिनों का पहला राउंड खत्म हुआ तो उसके बाद दूसरी बार उस पर सहमति ही नहीं बन पाई है।
इस बीच इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा कि हमारी सेना अपना अभियान आगे बढ़ाने वाली है। अब हम गाजा के एक हिस्से को कब्जे में लेंगे और इसे इजरायल का सिक्योरिटी जोन बनाया जाएगा। माना जा रहा है कि यदि मोराग कॉरिडोर पर इजरायल ने कब्जा जमाया तो फिर हमास के लिए हालात मुश्किल होंगे। वह पहले ही मिस्र के साथ संपर्क बनाने में असफल है। अब खान यूनिस और राफा के बीच में इजरायली सेना तैनात होने से मुश्किल और बढ़ेगी।