Monday, October 18th, 2021
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अमित ने हरुना धान की फसल उगाने वाले किसानों को 1 नवम्बर से पूर्व 50000 प्रति एकड़ मुआवजा राशि देने की माँग

रायपुर
बस्तर, धमतरी और राजनांदगांव समेत सिंचाई से वंचित किसान हरुना धान की फसल बोया गया है, लेकिन पिछले दिनों हुई भारी बारिश के कारण 70 से 75 प्रतिशत फसल नष्ट हो चुकी हैं, वहीं दूसरी ओर अधिकांश किसानों ने फसल बीमा नहीं कराया है। छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के अध्यक्ष अमित जोगी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ ही पत्र की प्रतिलिपि केंद्रीय  कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर छग विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक को भेजकर 1 नवंबर से पूर्व 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की हैं।

लिखे गए पत्र के बारे में जानकारी देते हुए अमित ने राज्य सरकार का ध्यान 3 तथ्यों की ओर आकर्षित किया है। पहला, बस्तर, धमतरी और राजनाँदगाँव समेत सिंचाई से वंचित छत्तीसगढ़ के लाखों किसानों द्वारा हरुना धान बोया जाता है। दूसरा, जुलाई (बोआई की अवधि) में अल्प-वर्षा और सितम्बर के अंत (फसल पकने की अवधि) में भारी वर्षा के कारण लगभग 70-75त्न हरुना धान की फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। तीसरा, अधिकांश किसानों का सरकार द्वारा फसल बीमा नहीं किया गया है। उपरोक्त 3 तथ्यों के परिणामस्वरूप हरुना धान के कृषकों का इस वर्ष भारी नुकसान हुआ है। अत: उन्होंने छत्तीसगढ़ के सभी हरुना धान के किसानों को 1 नवम्बर 2021 से पूर्व कम से कम 50000 प्रति एकड़ मुआवजा राशि देने की माँग की है ताकि उन्हें दहशत में दशहरा और दिवाला में दिवाली मनाने के लिए विवश नहीं होना पड़े।

अमित ने मुख्यमंत्री को कहा है अगर उनकी सरकार के पास छत्तीसगढ़ के हरुना धान के किसानों की क्षतिपूर्ति के लिए पर्याप्त आर्थिक संसाधन उपलब्ध नहीं है, तो वे केंद्र सरकार अथवा किसी भी बैंक से भी उपरोक्त तथ्यों के आधार पर अनुदान अथवा कर्ज माँग सकते हैं। अमित ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि इसमें प्रदेश के सभी राजनीतिक दल, कृषक और सामाजिक संगठन सरकार का समर्थन करेंगे।

Source : Agency

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